White पुरुष कभी भी याद नहीं रखते कोई गलतियों का ह

White पुरुष कभी भी याद नहीं रखते 
कोई गलतियों का हिसाब या तारीखे ,
यह तो सिर्फ स्त्रियां ही याद रखती है,
जन्मदिन की तारीखे, वैलेंटाइन डे का प्यार,
जैसे होता हो सिर्फ एक बार😛

©Diya #hindi_diwas 
#पुरुष कभी भी #याद नहीं रखते 
कोई गलतियों का #हिसाब या तारीखे ,
यह तो सिर्फ स्त्रियां ही याद रखती है,
#जन्मदिन की तारीखे, #वैलेंटाइन डे का प्यार,
जैसे #होता हो सिर्फ एक #बार😛
#Diyakikalamse✍🏼❤
White पुरुष कभी भी याद नहीं रखते 
कोई गलतियों का हिसाब या तारीखे ,
यह तो सिर्फ स्त्रियां ही याद रखती है,
जन्मदिन की तारीखे, वैलेंटाइन डे का प्यार,
जैसे होता हो सिर्फ एक बार😛

©Diya #hindi_diwas 
#पुरुष कभी भी #याद नहीं रखते 
कोई गलतियों का #हिसाब या तारीखे ,
यह तो सिर्फ स्त्रियां ही याद रखती है,
#जन्मदिन की तारीखे, #वैलेंटाइन डे का प्यार,
जैसे #होता हो सिर्फ एक #बार😛
#Diyakikalamse✍🏼❤
deeptigarg3768

Diya

New Creator
पुरुष भी रोते हैं, हालांकि अक्सर गुप्त रूप से,
 उनके आंसू इसके नीचे दर्द का वसीयतनामा है।

 कच्ची भावना के क्षणों में वे उन्हें बहा देते हैं,
 अकेले में, दुनिया के कोलाहल से दूर।

 समाज उन्हें मजबूत होने के लिए कहता है,
 कभी भेद्यता नहीं दिखाने के लिए, कभी गलत नहीं होने के लिए।

 लेकिन भावनाएँ मानवीय हैं, और पुरुष कोई अपवाद नहीं हैं,
 और आंसू गहरे चिंतन का प्रतीक हो सकते हैं।

 वे नुकसान के लिए रोते हैं, दिल टूटने और दुख के लिए,
 अपेक्षाओं के भार के लिए वे उधार नहीं ले सकते।

 समय के लिए वे छोटा महसूस करते हैं, और समय वे कमजोर महसूस करते हैं,
 उस प्यार के लिए जिसे उन्होंने खो दिया है, और जिस प्यार की उन्हें तलाश है।

 तो उन्हें रोने दो, उन्हें महसूस करने दो और उन्हें ठीक होने दो,
 क्‍योंकि आंसू मानवता की निशानी है जो वास्‍तविक है।


 वे अस्वीकृति और असफलता के दर्द के लिए रोते हैं,
 जिम्मेदारी के बोझ के लिए वे अब और नहीं सह सकते।

 दुनिया में वे जो अन्याय देखते हैं, उसके लिए
 और जो लाचारी वे महसूस करते हैं, उनका गुस्सा फूट पड़ता है।

 अत्यधिक आनंद के क्षणों के लिए,
 जब जीवन की सुंदरता काम करने के लिए बहुत अधिक महसूस होती है।

 बच्चे के प्यार के लिए, जीवनसाथी के प्यार के लिए,
 एक दोस्त के प्यार के लिए, और एक घर के नुकसान के लिए।

 लंबे समय से चली आ रही अपनों की यादों के लिए,
 उन क्षणों के लिए जो वे चाहते हैं कि वे धारण कर सकें।

 तो उन्हें रोने दो, उन्हें महसूस करने दो और उन्हें रहने दो,
 क्योंकि आंसू हमारी मानवता की याद दिलाते हैं।

©रोहन बिष्ट 
  #पुरुष भी रोते हैं
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#पुरुष भी रोते हैं #कविता

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आप सही है ये कोई ध्यान नहीं रखते 
लेकिन आप कब गलत थे
ये सभी याद रखते हैं।














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©Mukesh Poonia
  #Missing आप सही है ये कोई #ध्यान नहीं रखते #लेकिन आप कब #गलत थे ये सभी #याद रखते हैं।
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#Missing आप सही है ये कोई #ध्यान नहीं रखते #लेकिन आप कब #गलत थे ये सभी #याद रखते हैं। #विचार

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किसी पर आंख बंद करके भरोसा
 ना करना क्योंकि अक्सर धोखा वही
 दिया करते हैं जो दिल के सबसे ज्यादा
 करीब हुआ करते हैं।

©Bulbul varshney
  सच्चा दोस्त कभी भी गलत राय नहीं देगा।
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सच्चा दोस्त कभी भी गलत राय नहीं देगा। #कविता

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White हिंदी की महक

हिंदी है वो बगिया, जिसमें फूल खिले संस्कार के,
हर शब्द में बसी है खुशबू अपने विचार के।
गाँव की पगडंडियों से लेकर शहर की गलियों तक,
हिंदी ने सिखाया, हर दिल को जोड़ने का हक़।

पर आज हम उसी बगिया को सूखता देख रहे हैं,
अपनी भाषा को परायों सा अनदेखा कर रहे हैं।
अंग्रेज़ी के चकाचौंध में खोने लगे हैं हम,
अपनी ही जड़ों से दूर होने लगे हैं हम।

जो भाषा हमें बोलना सिखाती थी,
अब उसे बोलने में शर्म क्यों आती है?
शहरों में हिंदी की पहचान फीकी पड़ रही है,
सिर्फ किताबों और आयोजनों तक सिमट रही है।

सच्चाई ये है कि हम विकास के नाम पर भटक रहे हैं,
अपनी विरासत को छोड़, नए रस्ते पकड़ रहे हैं।
पर याद रखना, जड़ों से कटकर पेड़ कभी खड़ा नहीं रहता,
अपनी भाषा से दूर होकर कोई बड़ा नहीं बनता।

तो इस हिंदी दिवस पर करें एक वादा नया,
हिंदी को सिर्फ दिल में नहीं, जीवन में भी लाएंगे सदा।
ये सिर्फ भाषा नहीं, ये आत्मा का गीत है,
जिसने इसे अपनाया, उसका जीवन सफल और जीत है।

©silent_03 #hindi_diwas #hindidiwas
White हिंदी की महक

हिंदी है वो बगिया, जिसमें फूल खिले संस्कार के,
हर शब्द में बसी है खुशबू अपने विचार के।
गाँव की पगडंडियों से लेकर शहर की गलियों तक,
हिंदी ने सिखाया, हर दिल को जोड़ने का हक़।

पर आज हम उसी बगिया को सूखता देख रहे हैं,
अपनी भाषा को परायों सा अनदेखा कर रहे हैं।
अंग्रेज़ी के चकाचौंध में खोने लगे हैं हम,
अपनी ही जड़ों से दूर होने लगे हैं हम।

जो भाषा हमें बोलना सिखाती थी,
अब उसे बोलने में शर्म क्यों आती है?
शहरों में हिंदी की पहचान फीकी पड़ रही है,
सिर्फ किताबों और आयोजनों तक सिमट रही है।

सच्चाई ये है कि हम विकास के नाम पर भटक रहे हैं,
अपनी विरासत को छोड़, नए रस्ते पकड़ रहे हैं।
पर याद रखना, जड़ों से कटकर पेड़ कभी खड़ा नहीं रहता,
अपनी भाषा से दूर होकर कोई बड़ा नहीं बनता।

तो इस हिंदी दिवस पर करें एक वादा नया,
हिंदी को सिर्फ दिल में नहीं, जीवन में भी लाएंगे सदा।
ये सिर्फ भाषा नहीं, ये आत्मा का गीत है,
जिसने इसे अपनाया, उसका जीवन सफल और जीत है।

©silent_03 #hindi_diwas #hindidiwas
White हिंदी की बातें

हिंदी में बसी है अपनी मिट्टी की खुशबू,
हर लफ्ज़ में है अपनापन का जादू।
सादगी में लिपटी, गहराई से भरी,
हर दिल को छू जाए, ये भाषा हमारी।

पर अब इसे भूलते से जा रहे हैं हम,
दूसरों की राह में भटक रहे हैं हम।
पर याद रहे, जो जड़ से कटेगा,
वो कभी फल-फूल नहीं सकेगा।

हिंदी को फिर से दिलों में बसाएं,
अपनी विरासत को गर्व से अपनाएं।

©silent_03 #hindi_diwas #hindidiwas
White हिंदी की बातें

हिंदी में बसी है अपनी मिट्टी की खुशबू,
हर लफ्ज़ में है अपनापन का जादू।
सादगी में लिपटी, गहराई से भरी,
हर दिल को छू जाए, ये भाषा हमारी।

पर अब इसे भूलते से जा रहे हैं हम,
दूसरों की राह में भटक रहे हैं हम।
पर याद रहे, जो जड़ से कटेगा,
वो कभी फल-फूल नहीं सकेगा।

हिंदी को फिर से दिलों में बसाएं,
अपनी विरासत को गर्व से अपनाएं।

©silent_03 #hindi_diwas #hindidiwas
गलती से भी कभी कोई गलती ना हो जाए।
 क्योंकि लोग यहां खूबियों से ज़्यादा खामियां ढूंढते हैं।

©Avneesh Kumar Chauhan
  गलती से भी कभी कोई गलती न हो जाए।
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गलती से भी कभी कोई गलती न हो जाए। #Shayari

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ईश्वर का दर्शन और मित्र का मार्गदर्शन, 
दोनों ही जीवन को प्रकाशित कर देते हैं....

©Anurag Mishra
  ईश्वर और मित्र कभी भी गलत सलाह नहीं देते..
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ईश्वर और मित्र कभी भी गलत सलाह नहीं देते.. #ज़िन्दगी

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