Aayushi Bhandari

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में जिंदगी नहीं ,जिंदगी मुझे लिख रही है🎭

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"तैरते पत्थरों में भी श्री राम देखे है हमने शबरी के बैरो में राम देखे है कोई जर्रा ना ऐसा ना जहा मेरे प्रभु, हमने हनुमान के सीने में राम देखे है (आयुषी भंडारी)"

तैरते पत्थरों में भी श्री राम  देखे है
हमने  शबरी के बैरो में राम  देखे है
कोई जर्रा ना ऐसा ना जहा मेरे प्रभु,
हमने हनुमान के सीने में राम देखे है
(आयुषी भंडारी)

रामनवमी की शुभकामनाएं

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"आजकल सब पूछने लगे है तुम इतनी मुस्कुराती क्यों हो मज़ाकिया तो तुम थी नहीं पर कोई मुखोटे के पीछे , छुपा हुआ चेहरा देख नही पाता है चांद तो अपनी जगह पर है बादल उसे इस कदर घेर लेते है की हमे कभी आधा, कभी पूरा दिखाई पड़ता है तो क्या उन्हें मेरी चूड़ियों में हथकड़ी और पायल में बेड़ियां नजर नही आती आंखों में अपार पीड़ा का समंदर नजर नही आता नजरे कमज़ोर हो रही शायद या वो देख कर अनजान बनते है पर में तो देख रही हुँ सपनो की इमारतों को टूटते हुए अरमानो, आंकाक्षाओ , खुशियों को गहरे समंदर में डूबते हुए कवि हृदय मेरा क्या कहना चाहता है तुम्हे शायद नजर ना आये आख़िर दिल की गहराई को समझना हर किसी के बस की बात भी तो नही पर मेरी मौत के बाद के बाद मेरी किताबें जरूर टटोलना सुना है मौत के बाद कीमत दुगनी हो जाती है और जो देख नही पाये थे उसे देखने की कोशिश करना फिर पूछना अपने आप से की वो इतनी मुस्कुराती क्यों थी (आयुषी भंडारी) ।"

आजकल सब पूछने लगे है
   तुम इतनी मुस्कुराती क्यों हो
   मज़ाकिया तो तुम थी नहीं
   पर कोई  मुखोटे के पीछे ,
   छुपा हुआ चेहरा  देख  नही पाता है
   चांद तो अपनी जगह पर  है
   बादल उसे इस कदर घेर लेते है
   की हमे कभी आधा, कभी पूरा
   दिखाई पड़ता है
   तो क्या उन्हें मेरी चूड़ियों में हथकड़ी
   और पायल में बेड़ियां नजर नही आती
   आंखों में अपार पीड़ा का 
   समंदर नजर नही आता
   नजरे कमज़ोर हो रही शायद
   या वो देख कर अनजान बनते है
   पर में तो  देख रही हुँ
   सपनो की इमारतों को टूटते हुए
  अरमानो, आंकाक्षाओ , खुशियों को
   गहरे समंदर में डूबते हुए
   कवि हृदय मेरा क्या कहना चाहता है
   तुम्हे शायद नजर ना आये 
   आख़िर दिल की गहराई को समझना
    हर किसी के बस की बात भी तो नही
    पर मेरी मौत के बाद के बाद
    मेरी किताबें जरूर टटोलना
    सुना है मौत के बाद 
    कीमत दुगनी हो जाती है
    और जो देख नही पाये थे
    उसे देखने की कोशिश करना
    फिर पूछना अपने आप से
    की वो इतनी मुस्कुराती क्यों थी
    (आयुषी भंडारी)
       
        
       
     
   
 
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तुम इतना मुसकुराती क्यू हो

#alonegirl

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"तैरते पत्थरो में भी श्री राम देखे है हमने शबरी के बेरो में राम देखे है कोई जर्रा ना ऐसा ना जहाँ मेरे प्रभु हमने हनुमान के सीने में राम देखे है aayu"

तैरते पत्थरो  में भी श्री राम  देखे है
हमने शबरी  के  बेरो में राम देखे है
कोई  जर्रा ना ऐसा ना जहाँ मेरे प्रभु
हमने हनुमान के सीने में राम देखे है
aayu

#shreeram

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"दर्द कुछ इतना सीने में दबाये बैठी हुँ मेरे यारो कोई गले लगा कर पूछे तो कलेजा निकल आये aayu"

दर्द  कुछ इतना सीने में दबाये बैठी हुँ मेरे यारो
कोई गले लगा कर पूछे तो कलेजा निकल आये
aayu

दर्द
#ShiningInDark

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"#OpenPoetry *********मैं कवि हूँ **16 मात्रा*********** मेरा साम ही कल्याण है में विरोधी नही प्रेरक हूँ। मेरा दाम ही प्रोत्साहन है में आकांक्षी नही संतुष्ट हूँ। मेरा भेद ही सदभाव है में उपेक्षा नही अपेक्षा हूँ। मेरा ही दंड पश्चाताप है में चंचल तो नही अटल हूँ। मे आक्रोश चन्द मात्र है में क्रोधित नही निर्वेद हूँ। मेरा मन ही सर्व मान्य है में चंचल नही अविचलित हूँ मेरा पूण्य ही तो दान है में कृपण नही परिचारक हूँ। मेरा प्रेम ही अभिमान है में ढोंगी नही रसज्ञ हूँ मेरा अहिवात ही संसार है में बाधा नही आरम्भ हूँ। मेरा धर्म मानुज सेवा है में आंधियारा नही रवि हूँ में स्वाभिमान से कहता हूँ में काव्य सर्जक एक "कवि" हूँ ✍️aayu👩‍🏫"

#OpenPoetry *********मैं कवि हूँ **16 मात्रा***********

मेरा साम ही कल्याण है
        में विरोधी नही प्रेरक हूँ।
मेरा दाम ही प्रोत्साहन है
        में आकांक्षी नही संतुष्ट हूँ।
मेरा भेद ही सदभाव है
        में उपेक्षा नही अपेक्षा हूँ।
मेरा  ही दंड  पश्चाताप है
        में चंचल तो नही अटल हूँ।
मे आक्रोश चन्द मात्र है
        में क्रोधित नही निर्वेद हूँ।
मेरा मन ही सर्व मान्य है
        में  चंचल नही अविचलित हूँ
मेरा पूण्य ही तो दान है
        में कृपण  नही परिचारक हूँ।
मेरा प्रेम ही अभिमान है
        में ढोंगी नही रसज्ञ हूँ
मेरा अहिवात ही  संसार है
       में बाधा नही आरम्भ हूँ।
मेरा धर्म मानुज सेवा है
        में  आंधियारा नही रवि हूँ
में स्वाभिमान से कहता हूँ
        में काव्य सर्जक  एक "कवि" हूँ
        ✍️aayu👩‍🏫

#OpenPoetry
में कवि हुँ

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