Raahul Kant

Raahul Kant

कुछ लिखने की एक छोटी सी कोशिश की है, अपने दर्द को कागज़ पर उतारने की कोशिश की है। जानता हूँ ये गुस्ताख़ी है मेरे दिल की, अपने इस गुनाह में आपको शामिल करने की कोशिश की है।। - राहुल कांत

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"बदलना ही है तो अपनी संगत बदल, स्वभाव तेरा ख़ुद बदल जाएगा। क्योंकि कपड़े में लगा कीचड़ साफ़ हो सकता है, कीचड़ में डूबा कपड़ा उसी का हो जाता है ।। - राहुल कांत"

बदलना ही है तो अपनी संगत बदल,
स्वभाव तेरा ख़ुद बदल जाएगा।
क्योंकि कपड़े में लगा कीचड़ साफ़ हो सकता है,
कीचड़ में डूबा कपड़ा उसी का हो जाता है ।।
- राहुल कांत

बदलना ही है तो अपनी संगत बदल,
स्वभाव तेरा ख़ुद बदल जाएगा।
क्योंकि कपड़े में लगा कीचड़ साफ़ हो सकता है,
कीचड़ में डूबा कपड़ा उसी का हो जाता है ।।
- राहुल कांत
#Life #circle #Nature #Mud #clothes #Clean #suvichar #raahulkant

12 Love

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"रोक टोक करने वाले बहुत मिलेंगे, नोक झोके करने वाले बहुत मिलेंगे। वक़्त पर नहीं बदली सच बोलने की आदत, तो नफरत करने वाले भी बहुत मिलेंगे।। - राहुल कांत ©Raahul Kant"

रोक टोक करने वाले बहुत मिलेंगे,
नोक झोके करने वाले बहुत मिलेंगे।
वक़्त पर नहीं बदली सच बोलने की आदत,
तो नफरत करने वाले भी बहुत मिलेंगे।।
- राहुल कांत

©Raahul Kant

रोक टोक करने वाले बहुत मिलेंगे,
नोक झोके करने वाले बहुत मिलेंगे।
वक़्त पर नहीं बदली सच बोलने की आदत,
तो नफरत करने वाले भी बहुत मिलेंगे।।
- राहुल कांत

#Rok #tok #such #Waqt #Nafrat #Aadat #Change #Quote #shayri #raahulkant

12 Love

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"ग़ज़ल:- जब मुझे तू याद आता है, यादों की गहराई तक, कुछ यूं समा जाता है। दिल अचानक सहम जाता है, जब मुझे तू याद आता है।। जिस राह पर हमारी यादों का पहरा होगा, उम्मीद है दिल को उसी मोड़ पर तू ठहरा होगा। तेरे साथ कि कभी कदर न कि, लगा नही था तुझसे बिछड़ने का सदमा गहरा होगा।। तन्हाई का मंज़र सा छा जाता है, जब मुझे तू याद आता है। तेरी नज़दीकियों का एहसास होता है, लगता है तू आज भी मेरी गोद में सिर रख कर सोता है। तन्हाई में दिल अक्सर रोता है, दूर होकर भी तेरे क़रीब होता है।। अश्क़ों का सैलाब पलकों से छलक जाता है, जब मुझे तू याद आता है।। मेरे रूठने से तेरे मनाने तक, मेरे रोने से तेरे हंसाने तक, बातें करते हुए रात सोने तक, तेर ख्वाबों के साथ जागने तक, मेरे आने से तेरे जाने तक, हर पल उन लम्हों में तू समा जाता है जब मुझे तू याद आता है।। तुझसे मिलने की बात पर सांस जम सी जाती थी, न मिलने पर धड़कन थम सी जाती थी। तुझे न पा कर आंखे हो नम सी जाती थी तेरी रूह मेरे अक्स में रम सी जाती है।। साया तेरा मुझसे जुदा हो जाता है, जब मुझे तू याद आता है। तेरी चाहत भुलाना आसान नहीं राहुल, तू हर जगह नज़र आता है, ये वो इबादत है मेरी उससे, जो दुआ का असर नज़र आता है, तेरे साथ गुज़ारे लम्हों का कारवां सा बन जाता है, जब मुझे तू याद आता है।। तुझसे मिलने की उम्मीद मिलती है अब, अरमानों की लौ जलती है अब, दर्द की आह सी निकलती है अब, जिस्म से जान निकलती है अब, तू आजा की ज़िंदगी की शाम ढलती है अब, अब तो आईना भी मुझे मुह चिढ़ा जाता है, जब मुझे तू याद आता है।। यादों की गहराई तक, कुछ यूं समा जाता है। दिल अचानक सहम जाता है, जब मुझे तू याद आता है।। - राहुल कांत"

ग़ज़ल:- जब मुझे तू याद आता है,

यादों की गहराई तक,
कुछ यूं समा जाता है।
दिल अचानक सहम जाता है,
 जब मुझे तू याद आता है।।

जिस राह पर हमारी यादों का पहरा होगा,
उम्मीद है दिल को उसी मोड़ पर तू ठहरा होगा।
तेरे साथ कि कभी कदर न कि,
लगा नही था तुझसे बिछड़ने का सदमा गहरा होगा।।

तन्हाई का मंज़र सा छा जाता है,
जब मुझे तू याद आता है।

तेरी नज़दीकियों का एहसास होता है,
लगता है तू आज भी मेरी गोद में सिर रख कर सोता है।
तन्हाई में दिल अक्सर रोता है,
दूर होकर भी तेरे क़रीब होता है।।

अश्क़ों का सैलाब पलकों से छलक जाता है,
जब मुझे तू याद आता है।।

मेरे रूठने से तेरे मनाने तक,
मेरे रोने से तेरे हंसाने तक,
बातें करते हुए रात सोने तक,
तेर ख्वाबों के साथ  जागने तक,
मेरे आने से तेरे जाने तक,

हर पल उन लम्हों में तू समा जाता है
जब मुझे तू याद आता है।।

तुझसे मिलने की बात पर सांस जम सी जाती थी,
न मिलने पर धड़कन थम सी जाती थी।
तुझे न पा कर आंखे हो नम सी जाती थी
तेरी रूह मेरे अक्स में रम सी जाती है।।

साया तेरा मुझसे जुदा हो जाता है,
जब मुझे तू याद आता है।

तेरी चाहत भुलाना आसान नहीं राहुल,
तू हर जगह नज़र आता है,
ये वो इबादत है मेरी उससे,
जो दुआ का असर नज़र आता है,

तेरे साथ गुज़ारे लम्हों का कारवां सा बन जाता है,
जब मुझे तू याद आता है।।

तुझसे मिलने की उम्मीद मिलती है अब,
अरमानों की लौ जलती है अब,
दर्द की आह सी निकलती है अब,
जिस्म से जान निकलती है अब,
तू आजा की ज़िंदगी की शाम ढलती है अब,

अब तो आईना भी मुझे मुह चिढ़ा जाता है,
जब मुझे तू याद आता है।।

यादों की गहराई तक,
कुछ यूं समा जाता है।
दिल अचानक सहम जाता है,
 जब मुझे तू याद आता है।।

- राहुल कांत

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#alone

11 Love

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"दास्तां अगर अधूरी हो तो वो किस्सा बन कर रह जाता है, जो पूरी हो हर तहरीर तो इतिहास भी बन जाता है। जल्द ही भुला दिए जाते है अधूरे अल्फ़ाज़ ज़हन से, जो पूरी हो हर कहानी ज़िन्दगी की किताब का हिस्सा बन जाता है।। - राहुल कांत ©Raahul Kant"

दास्तां अगर अधूरी हो तो वो किस्सा बन कर रह जाता है, 
जो पूरी हो हर तहरीर तो इतिहास भी बन जाता है। 
जल्द ही भुला दिए जाते है अधूरे अल्फ़ाज़ ज़हन से, 
जो पूरी हो हर कहानी ज़िन्दगी की किताब का हिस्सा बन जाता है।। 
- राहुल कांत

©Raahul Kant

दास्तां अगर अधूरी हो तो वो किस्सा बन कर रह जाता है,
जो पूरी हो हर तहरीर तो इतिहास भी बन जाता है।
जल्द ही भुला दिए जाते है अधूरे अल्फ़ाज़ ज़हन से,
जो पूरी हो हर कहानी ज़िन्दगी की किताब का हिस्सा बन जाता है।। - राहुल कांत

#Life #story #Histories #alfaz #Quotes #raahulkant

11 Love

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"वो देख तेरे अच्छे वक़्त ने तुझे मुह चिढ़ाया है, और तूने बुरे वक़्त को सीने से लगाया है। आज ये नज़ारा कुछ और होता, अगर तूने अपना कीमती वक़्त फ़िज़ूल न गवाया होता।। - राहुल कांत"

वो देख तेरे अच्छे वक़्त ने तुझे मुह चिढ़ाया है,
और तूने बुरे वक़्त को सीने से लगाया है।
आज ये नज़ारा कुछ और होता,
अगर तूने अपना कीमती वक़्त फ़िज़ूल न गवाया होता।।
- राहुल कांत

वो देख तेरे अच्छे वक़्त ने तुझे मुह चिढ़ाया है,
और तूने बुरे वक़्त को सीने से लगाया है।
आज ये नज़ारा कुछ और होता,
अगर तूने अपना कीमती वक़्त फ़िज़ूल न गवाया होता।।
- राहुल कांत
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11 Love