ArchanaTiwari_Tanuja

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Insta Id Same..... AUTHOR.......📖📃✍️✍️✍️ COAUTHOR~1~📚📙THE BURNING OUTCRY CO __2~📘📚NANHI PHULWARY✍️ CO__3~📚📙 ANJUMAN...✍️ CO__4~📙📚NIRJHAR LEKHNI✍️ CO__5~📚📙ALFAAZ BY HEART✍️ CO__6~PATI PREM KI..✍️ "कैसे बांध दूँ मै इन्हें नियमों,मानकों की हद से? रस,छंद, अलंकार से परे है मेरे मन के भाव।।" ✍️✍️✍️✍️✍️📃📖📃📑

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"Love you maa❤️😘. "

Love you maa❤️😘.

#pyaarimaa #Maa❤
#HappyMothersDay
09/05/2021

46 Love
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"सच कहती हूँ लेखन बन गया है आज मेरा जुनून, भड़ास निकालती हृदय की शब्दों को मैं चुन-चुन। उठते-बैठते,सोते-जागते अल्फ़ाज़ों की उठा-पटक, चलती रहती मेरे मन-मस्तिष्क मे हर पल,हर क्षण। हाँ करती हूँ मैं नशा हर दिन पर ये गलत तो नही! मुझे है लेखन का नशा जो मुझ पर छाया रहता है। घुट-घुट कर कब तक जीती मै एहसासों के बीच, कैसे निष्कृय बनी रहती मै भला होठो को भीच। लब खोलना जहाँ हो तौहीन वहाँ कलम बोलती है, लफ़्ज़ों की जुबां जाने कितनो के ही दिल तोड़ती है। जब से हुआ लिखने का नशा हर रिश्ता संभल गया, लत ऐसी लगी हृदय का गुंबार सरा पन्नों पे बह गया। जब लगता मन भारी-भारी सा इक कविता का जाम, थोरी शेरो-शायरी या ग़ज़ल लिख मैं पी जाया करती। देश,समाज,गाँव,गलियों की बातें सबसे साझा करती, जो नही उचित लगे मुझको उसे आईना हूँ दिखलाती। इसे मै जुनून कहूँ अपना या फिर कहूँ नशा लेखन का, बिन इसके लगे है मुझको अधूँरा सा पन्ना जीवन का।। ©ArchanaTiwari_Tanuja"

सच कहती हूँ लेखन बन गया है आज मेरा जुनून,
भड़ास निकालती हृदय की शब्दों को मैं चुन-चुन।

उठते-बैठते,सोते-जागते अल्फ़ाज़ों की उठा-पटक,
चलती रहती मेरे मन-मस्तिष्क मे हर पल,हर क्षण।

हाँ करती हूँ मैं नशा हर दिन पर ये गलत तो नही!
मुझे है लेखन का नशा जो मुझ पर छाया रहता है।

घुट-घुट कर कब तक जीती मै एहसासों के बीच,
कैसे निष्कृय बनी रहती  मै भला होठो को भीच।

लब खोलना जहाँ हो तौहीन वहाँ कलम बोलती है,
लफ़्ज़ों की जुबां जाने कितनो के ही दिल तोड़ती है।

जब से हुआ लिखने का नशा हर रिश्ता संभल गया,
लत ऐसी लगी हृदय का गुंबार सरा पन्नों पे बह गया।

जब लगता मन भारी-भारी सा इक कविता का जाम,
थोरी शेरो-शायरी या ग़ज़ल लिख मैं पी जाया करती।

देश,समाज,गाँव,गलियों की बातें सबसे साझा करती,
जो नही उचित लगे मुझको उसे आईना हूँ दिखलाती।

इसे मै जुनून कहूँ अपना या फिर कहूँ नशा लेखन का,
बिन इसके लगे है मुझको अधूँरा सा पन्ना जीवन का।।

©ArchanaTiwari_Tanuja

#लेखन_मेरा_जुनून#hindiwritwrs
08/05/2021

लेखन मेरा जुनून....

सच कहती हूँ लेखन बन गया है आज मेरा जुनून,
भड़ास निकालती हृदय की शब्दों को मैं चुन-चुन।

53 Love

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"ग़ज़ल:- 22 22 22 22 22 2 हे बजरंगी द्वारे तेरे आये है, याचक बन खाली झोली फैलाये है। विपदा भारी छाई है ऐ हनुमंता, संकट हर लेकर बाबा अर्जी लाये है। हम अपराधी पर निर्बल है बाला जी, अतुलित बल के सागर हम सिर नाये है। संजीवन तुम बिन कोई नहि लायेगा, रघुनायक छवि हिय धर गाथा गाये है। अवगुण हम सबके मिट जाये सारे ही, घेरे दु:ख, रोगों के भीषण साये है। तांडव करते यम जीवन छति होती है, लाशों का पर्वत ये दिल दहलाये है। पीड़ा,चिंता हनुमत हर लो हम सब की, तनुजा विनती सुन नैना भर आये है।। ©ArchanaTiwari_Tanuja"

ग़ज़ल:-
22   22   22   22   22   2

हे  बजरंगी  द्वारे  तेरे   आये   है,
याचक बन खाली झोली  फैलाये है।

विपदा  भारी  छाई   है  ऐ  हनुमंता,
संकट हर लेकर बाबा अर्जी लाये है।

हम अपराधी पर निर्बल  है बाला जी,
अतुलित बल के सागर हम सिर नाये है।

संजीवन  तुम बिन  कोई नहि  लायेगा,
रघुनायक  छवि हिय धर  गाथा गाये है।
 
अवगुण हम सबके मिट जाये सारे ही,
घेरे  दु:ख, रोगों  के  भीषण  साये   है।

तांडव करते यम जीवन छति होती है,
लाशों  का  पर्वत  ये  दिल दहलाये है।

पीड़ा,चिंता हनुमत हर लो हम सब की,
तनुजा विनती सुन  नैना भर आये है।।

©ArchanaTiwari_Tanuja

#hanumanjayanti
27/04/2021
हनुमान जयंती की आप सभी को शुभकामनाएं ईश्वर आप सभी की रक्षा करें...🙏🙏🙏

ग़ज़ल:-
22 22 22 22 22 2

हे बजरंगी द्वारे तेरे आये है,

48 Love

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"कोरोना महामारी:- काल भेष धरे ये कोरोना महामारी, प्रभु जी आन पड़ी है विपदा भारी। प्रकृति से खिलवाड़ करअपराधी बने क्षमा करो जगदम्बा भूल-चूक हमारी। कैसी इम्तिहान की विकट घड़ी आई, सूझे न रास्ता व्यथित हृदय देता दुहाई। रुदन पसरा देखो मरघट सा चारों ओर, जाने कब किसकी है अंतिम बिदाई।। टेढ़ी-मेढ़ी सी है ये जीवन की डगर धूप-छांव से भरा बड़ा लम्बा सफर। उलझे रहे हम सब यूंही खुद मे सदा जाने कब चुपके से हो गई ये सहर।। मार झेलते रहे हम तो किस्मत की, जो बच गये तो! कहर कुदरत की। दूर तलक रास्ता ही रास्ता है सामने मंज़िल मिल जाय हमें रहमत की।। बैठी सोचती हूँ आज अपने गुनाहों को, सताया है बहुत हमने भी बेजुबानों को। प्रकृति के आँचल को तार-तार किया है, ख़ाक मे मिला दिया इंसाँ ने खजानों को।। अब पछताने के सिवा बता रखा क्या है? विनाश की आँधी चली जो देखता क्या है? हरा-भरा करदे तू फिर से इस गुलिस्तां को, देर न कर कदम बढा़ यूं सोचता क्या है?? ©ArchanaTiwari_Tanuja"

कोरोना महामारी:-
काल भेष धरे ये कोरोना महामारी,
प्रभु जी आन पड़ी है विपदा भारी।
प्रकृति से खिलवाड़ करअपराधी बने 
क्षमा करो जगदम्बा भूल-चूक हमारी।

कैसी इम्तिहान की विकट घड़ी आई,
सूझे न रास्ता व्यथित हृदय देता दुहाई।
रुदन पसरा देखो मरघट सा चारों ओर,
जाने कब किसकी है अंतिम बिदाई।।

टेढ़ी-मेढ़ी सी है ये जीवन की डगर
धूप-छांव से भरा बड़ा लम्बा सफर।
उलझे रहे हम सब यूंही खुद मे सदा
जाने कब चुपके से हो गई ये सहर।।

मार झेलते रहे हम तो किस्मत की,
जो बच गये तो! कहर कुदरत की।
दूर तलक रास्ता ही रास्ता है सामने
मंज़िल मिल जाय हमें रहमत की।।

बैठी सोचती हूँ आज अपने गुनाहों को,
सताया है बहुत हमने भी बेजुबानों को।
प्रकृति के आँचल को तार-तार किया है,
ख़ाक मे मिला दिया इंसाँ ने खजानों को।।

अब पछताने के सिवा बता रखा क्या है?
विनाश की आँधी चली जो देखता क्या है?
हरा-भरा करदे तू फिर से इस गुलिस्तां को,
देर न कर कदम बढा़ यूं सोचता क्या है??

©ArchanaTiwari_Tanuja

#MessageToTheWorld

27/04/2021
कोरोना महामारी:-

काल भेष धरे ये कोरोना महामारी,
प्रभु जी आन पड़ी है विपदा भारी।
प्रकृति से खिलवाड़ करअपराधी बने

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"रंगो भरी होली:: आ गई है देखो रंगों भरी होली, मद मस्त हुई दीवानो की टोली, भर पिचकारी भीगा दूं सबको मैं चाहे कोई ताना मारे चाहे बोले बोली।। मल मल के सबको रंग लगाए वो भोली, रंगो का त्यौहार आया भर खुशियों से झोली, कितना आनंद, उत्साह भरा है सब जन मे, भर पिचकारी ले चले संग शैतानों की डोली।। लाल, हरा, गुलाबी, नीला, पीला,केसरिया रंग, डाल रहे एक दूजे पर भीगा रहे सब अंग अंग, खींचा तानी मची हुई देखो रंगने की है होड़, रोक टोक लगा कर हमको न डरो रंग में भंग।। देख देख कर होरिहारो के रंग रंगीले ढंग, झूमे नाचाय गवाए सभय मचावे हुडदंग, डर के मारे छिपती फिरू मैं तो इधर उधर, सब कहें मुझसे चलो होली खेलो हमारे संग।। ©ArchanaTiwari_Tanuja"

रंगो भरी होली::

आ गई है देखो रंगों भरी होली,
मद मस्त हुई दीवानो की टोली,
भर पिचकारी भीगा दूं सबको मैं
चाहे कोई ताना मारे चाहे बोले बोली।।

मल मल के सबको रंग लगाए वो भोली,
रंगो का त्यौहार आया भर खुशियों से झोली, 
कितना आनंद, उत्साह भरा है सब जन मे,
भर पिचकारी ले चले संग शैतानों की डोली।।

लाल, हरा, गुलाबी, नीला, पीला,केसरिया रंग,
डाल रहे एक दूजे पर भीगा रहे सब अंग अंग,
खींचा तानी मची हुई देखो रंगने की है होड़,
रोक टोक लगा कर हमको न डरो रंग में भंग।।

देख देख कर होरिहारो के रंग रंगीले ढंग,
झूमे नाचाय गवाए  सभय मचावे हुडदंग,
डर के मारे छिपती फिरू मैं तो इधर उधर,
सब कहें मुझसे चलो होली खेलो हमारे संग।।

©ArchanaTiwari_Tanuja

#Happy_holi #nojotowriters
आप सभी को होली की अनंत शुभकामनाएं 🌹🌹🌹🍨🍧🍫🍫🍫

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