poet_Santosh joshi

poet_Santosh joshi Lives in Gwalior, Madhya Pradesh, India

कवि हूँ कलम की बात लिखता हूं ॥ लाती है जो सवेरा नया,वो रात लिखता हूं ॥# my insta.id.(poet_Santoshjoshi)joined on nojoto (4/8/2019)

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"मेरी आँखों से जो दरिया बहता है । हमें मालूम है कि तू मुझे पागल कहता है। पता नहीं क्यों मन मेरा शांत सहता है मेरा दिल खामोश है क्योंकि उसमें तू रहता है । s. k. sharma"

मेरी आँखों से जो दरिया बहता है ।
हमें मालूम है कि तू मुझे पागल कहता है।
पता नहीं क्यों मन मेरा शांत सहता है 
मेरा दिल खामोश है क्योंकि उसमें तू रहता है ।
                                 s. k. sharma

 

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"हमारी दोस्ती को दुनिया पागलपंती कहती है मगर उन्हें क्या पता कि दोस्ती ही है जो खुशी और गम साथ में सहती है"

हमारी दोस्ती को दुनिया पागलपंती कहती है
    मगर उन्हें क्या पता

कि दोस्ती ही है जो खुशी और गम साथ  में 

सहती है

 

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"बारिश की बूँदों में तेरी याद आती है । तेरे लवों की मुस्कान हमको पागल कर जाती है। हमसे दूरी ये तुम्हारी सही न अब जाती है। तेरी मेरी दोस्ती तभी तो मोहब्बत कहलाती है। s.k.sharma"

बारिश की बूँदों में तेरी याद आती है ।
तेरे लवों की मुस्कान हमको पागल कर जाती है।
हमसे दूरी ये तुम्हारी सही  न अब जाती है।
तेरी मेरी दोस्ती तभी तो मोहब्बत कहलाती है।
                               
                                   s.k.sharma

 

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"मंजिल उसी को मिली है, जिसका द्रढ़ संकल्प हो। उसे नहीं जो कठिन मार्ग देखकर ढूंढता विकल्प हो। s.k.joshi"

मंजिल उसी को मिली है, जिसका द्रढ़ संकल्प हो।
उसे नहीं जो कठिन मार्ग देखकर ढूंढता विकल्प हो।
                           
                                 s.k.joshi

 

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"राह में चल रहे हैं सोचकर कि उनसे मुलाकात होगी। हम तो भूल ही गये थे कि बादल होंगे तभी तो बरसात होगी। तड़प रहा है दिल तेरी याद में। तेरी-मेरी न जाने कब ये सौगात होगी। s.k.joshi"

राह में चल रहे हैं सोचकर कि उनसे मुलाकात होगी। 
हम तो भूल ही गये थे कि बादल होंगे तभी तो बरसात होगी।
 तड़प रहा है दिल तेरी याद में।
तेरी-मेरी न जाने कब ये सौगात होगी।

                                         s.k.joshi

 

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