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shilpisignodia8471
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Shilpi Signodia

Authored 3 books. Writing gives me peace and satisfaction find me on Instagram as @modashilpi

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Shilpi Signodia

simple changes in routine could ease our life to max

simple changes in routine could ease our life to max #Thoughts

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Shilpi Signodia

#HappyStorytelling
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Shilpi Signodia

एक अर्सा हुआ तुमसे मिलके, 
क्या कहूँ, 
रोज़ मर्रा की जद्दोजहद में, 
कुछ यूं मसरूफ थी कि 
तुम्हारा खयाल ही नहीं आया।
तुम को भी ignore होने की आदत हो गई है, 
कभी कोई शिकायत नहीं की, 
बस इन्तजार किया कि कभी तो मुझे फुर्सत मिलेगी,
 और तुमसे एक बार पूछूंगी- कैसी हो? आज आइने के सामने खड़ी मैं...

©Shilpi Signodia
  #WoRasta
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Shilpi Signodia

#kahaaniyan
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Shilpi Signodia

कोरे  पन्नों को स्याह करके 
ज़ख्मों का दीदार करती हूं 
हाले दिल बयान कर 
आईने से तकरार करती हूं
अपनी कब्र पर दो फूल रख 
यू खुद को जिंदा  करती हू 
बहुत आए  जनाजे  का तमाशा देखने 
सबकी नीयत का हिसाब रखती हूँ

©Shilpi Signodia
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Shilpi Signodia

मैने जाने की गुहार लगाई थी
उसने रोकने की तैयारी कराई थी

मैने माना अब बस, सब खत्म 
उसने मेरी नयी पारी सजाई थी

नीर संग स्वप्न भी बह गए

©Shilpi Signodia #WinterSunset
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Shilpi Signodia

जिस शख़्स को खोजे तू मेरे अक्स में
वो मैं नहीं मेरा कोई किरदार है— % &

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Shilpi Signodia

दर्द मे झूठे आँसू दिखाने आए है
अब खुशियो को नजर लगाने आए है

हक जताने वालो से पूछो लो
क्या कभी फर्ज निभाने आए हैं

बाटने चले है मा की ममता
क्या कभी पैर  दबाने आए है

कुर्सी के प्रेमियो से पूछ लो
बिन मतलब झाड़ू लगाने आए है

धरनो पर बैठ नारे लगाने वालो
घर के लिए आवाज उठाने आए है

सोचती क्यू है इतना शिल्पी 
दुनिया मे सब समय बिताने आए है

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Shilpi Signodia

वो तेरे गेसुओ मे शाम ढूँढा करता है
गमों की धूप मे आराम ढूँढा करता है

सुना है लत लगी है तालियो की बैठे बैठे
वो शायर बस यही अंजाम ढूँढा करता है

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Shilpi Signodia

जो सूख गया बहते बहते,
वो दरिया भी क्या दरिया है

गम हो न हो नमी की नही कमी
ये अखिया भी क्या दरिया है

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