Nojoto: Largest Storytelling Platform

New महिला उत्पीड़न पर कविता Quotes, Status, Photo, Video

Find the Latest Status about महिला उत्पीड़न पर कविता from top creators only on Nojoto App. Also find trending photos & videos about, महिला उत्पीड़न पर कविता.

अश्लेष माडे (प्रीत कवी )

मराठी कविता संग्रह महिला दिन मराठी कविता प्रेरणादायी कविता मराठी मराठी कविता संग्रह

read more
हाडामासाचा फक्त शरीर नव्हे 
जन्म देणारी जन्मदात्री आहे ती 
नऊ महिने वेदना सहन करणारी 
वेदनारहित 'स्त्री' आहे ती..

फक्त संभोगासाठी नसते 'स्त्री'
जन्म आणि पोषण असे दर्शन एकावेळी देणारी आहे ती 
दोन मासाचे गोळे आणि योनी एवढंच बघतो पुरुष 
खरं तर प्रचंड वेदना सहन करून जन्म देणारी 'स्त्री'आहे ती...

प्रेम तिच्या शरीरावर की तिच्यावर असतं ?
प्रसूती च्या वेळी पुरुषाला लाजवणारी आहे ती 
करावीच माणसाने एकदा स्त्री ची प्रसूती 
कळेलच किती कणखर आहे ती...

नुसती हौस पूर्ण करण्यासाठी नसते 
पुरुषाला पूर्ण करणारी आहे स्त्री आहे ती 
कोणासाठी काहीही असो तिला बघण्याचा दृष्टिकोन 
आई,बहीण,बायको अशा अनेक नात्यांची जन्मदाती आहे ती...

©अश्लेष माडे (प्रीत कवी )  मराठी कविता संग्रह महिला दिन मराठी कविता प्रेरणादायी कविता मराठी मराठी कविता संग्रह

himesh

#good_night कविता बारिश पर कविता

read more
White DARKNESS 🌑

©himesh #good_night  कविता बारिश पर कविता

कवि प्रभात

#good_night प्यार पर कविता कविता कोश

read more
White साँझ ढली फिर नहीं आयी वो आज फिर
मैं राह देखते रहा होते रहा अधीर 
सोचते की किस खता की दे रही सज़ा 2
सोचते की कैसे हो गई बेपीर

©कवि प्रभात #good_night  प्यार पर कविता कविता कोश

Alfaz-E-Dheeraj

#BehtiHawaa हिंदी दिवस पर कविता Aaj Ka Panchang प्रेम कविता हिंदी कविता प्यार पर कविता

read more
अपना वो हैं, जो किसी और के लिए तुम्हें नज़रअंदाज़ ना करे।

©Alfaz-E-Dheeraj #BehtiHawaa  हिंदी दिवस पर कविता Aaj Ka Panchang प्रेम कविता हिंदी कविता प्यार पर कविता

कवि प्रभात

#sad_dp हिंदी कविता कविता कोश प्यार पर कविता

read more
White जिसको चाहा पूजा जिसको,
    दिन ऐसा वो दिखलाई 
घिन अपने ही आप पे हमको,
      सच कहता यारों आई 
लगा ये लगने किसी के दिल में,
      बसने के    लायक नहीं 
व्यर्थ ही हमने जीवन की,
        सौगातें   धरती पर  पाई

©कवि प्रभात #sad_dp  हिंदी कविता कविता कोश प्यार पर कविता

Writer Mamta Ambedkar

#Tuaurmain प्यार पर कविता कविताएं हिंदी दिवस पर कविता कविताएं प्रेम कविता

read more
जो लोग कहते हैं 
औरत का कोई घर नहीं होता सच तो ये है 
बिना औरत का कोई घर ही नहीं होता हैं 

औरत के क़दम है जो आँगन में आते ही,
हर कोने को अपनी महक से सजाती है।

हंसती है, रोती है, ख़ुशियाँ बाँटती,
हर ग़म को अपनी मुस्कान में छुपाती है।

माँ, बेटी, बहन, पत्नी बनकर,
हर रिश्ता निभाती है औरत 

हर दिल में जगह बनाकर,
घर को स्वर्ग बनाती है औरत 

उँगलियों से सींचती है खुशियों की उमंग
छोटे-छोटे लम्हों में भरती हैं रंग बिरंगे पल

परछाइयों में उसकी छवि रहती हैं 
वो तो हर साँस में बसती है, खिलती है।

तो कहने वालों, सुन लो ये बात,
औरत का अस्तित्व ही घर की सौगात।

सच तो यही है, इससे ही महकता घर आंगन 
बिना औरत के सुना है बच्चों का आँचल।

©Writer Mamta Ambedkar #Tuaurmain  प्यार पर कविता कविताएं हिंदी दिवस पर कविता कविताएं प्रेम कविता

Jk

#स्त्री मन #JKpoetess महिला दिन मराठी कविता

read more

Alfaz-E-Dheeraj

#love_shayari कविता कोश कविता मराठी कविता हिंदी दिवस पर कविता हिंदी दिवस पर कविता

read more
White जरूर मुकरें होंगे लोग जुबान देकर,
वरना आज कागजों की जरूरत ना पड़ती।

©Alfaz-E-Dheeraj #love_shayari  कविता कोश कविता मराठी कविता हिंदी दिवस पर कविता हिंदी दिवस पर कविता

कवि प्रभात

#love_shayari कविता कोश प्यार पर कविता

read more
White प्यार जगा के चल दिए, हमसे कितना दूर |
मन में खोट तुम्हारे था, लगता मुझको जरूर ||

©कवि प्रभात #love_shayari  कविता कोश प्यार पर कविता

नवनीत ठाकुर

नौकरी करने वालों, न करो खुद पर इतना गुमान,
उस खामोश औरत की मेहनत को भी पहचानो, जो है घर की असल जान।
बिन वेतन, बिन तालियों के वो हर दिन खप जाती है,
हर मुश्किल को मुस्कुराकर सह लेती है, फिर भी चुप रह जाती है।"

"वो है घर की बुनियाद, हर सुख-दुख की साथी,
उसके बिना अधूरी है हर खुशी, हर बात प्यासी।
चुपचाप समेटे रखती है अपने आंचल में घर की रौनक,
उसकी मेहनत से घर में बसी है सुख-शांति की सौगात।"
"हवा की तरह बहती, फिर भी उसकी पहचान खो जाती है,
घर में हर खुशी का रंग, वो खुद मिटकर सजाती है।
वो हर दर्द, हर ग़म छुपाकर अपनी मुस्कान सजाती है,
अपने हर कदम से घर में नयापन और उजाला लाती है।"

"वो ही है जो चुपचाप सारा भार उठाती है,
घर की महक और खुशियों की जड़ बन जाती है।

©नवनीत ठाकुर #महिला
loader
Home
Explore
Events
Notification
Profile