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Kamlesh Kandpal
सागर से उठा जल बना श्वेत हिम धवल शिखरों से उतरा नदियों में हो उदभूत जन जीवन के लिए बन कर अग्रदूत जिस कारण वनस्पति लहलहाई हरियाली से जिसकी आई तरुणाई पर्वत से मैदान उतर कर ,कर छल छल फिर सागर में समा जाता अविरल ©Kamlesh Kandpal #Jal
Gudiya rana abhi baki hai kuch rashten Tai karna @
kisi ki muskan bano to maja ajata hi ©Gudiya rana abhi baki hai kuch rashten Tai karna @ @jeevan hi
@jeevan hi
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duniya ka naam kya hai jarurat hai jiski kismat me kiya kahenge ©Gudiya rana abhi baki hai kuch rashten Tai karna @ @jeevan hai
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been pani ke liye abhi tak ham log tarashtey hai 😴😴 ©Gudiya rana abhi baki hai kuch rashten Tai karna @ @jeevan hai नये अच्छे विचार
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White in rashten o me maine akele rehna hai 😴😴🏠🏡 ©Gudiya rana abhi baki hai kuch rashten Tai karna @ #GoodNight @jeevan hi
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read morePrince Jaiswal
👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻 ©Prince Jaiswal life quotes in hindi kya aap jante hai
life quotes in hindi kya aap jante hai
read moreAkash Kedia
अच्छा हुआ के बस कहानी का किरदार रहे, इश्क़ मलंगा शायर का अधूरा सा इज़हार रहे, हासिल हुआ जो खोने पर, मिलने से छूठ जाता, है अर्ज़ मेरी कहानी में ये सिलसिला हर बार रहे। जुड़े हुए थे तुमसे जो; पूरे ख़्वाब अगर हो जाते वो, एहसास नजाने कितनो से ये मुलाकातें न होती, नज़र बिछाई राहों पर तुम मेरी ओर चलकर आते तो, अल्फ़ाज़ों की मेरे हिस्से में फ़िर ये बरसातें न होती। कब सुना है दिल दिमाग़ की; ये अक्सर ही लड़ते रहे, बढ़ न पाये कभी तुमसे आगे; तुम में ही उलझे रहे, हर बात हज़ारों सफ़र परे तुम तक आकर ठहर गई, देखा जब भी शीशे में ख़ुद में भी तुम ही मिलते रहे। चाहतें हर रोज़ तुम्हारी गलियों से गुज़रने की, अपने ही घर की राहों का ठिकाना भुलाने लगी, हावी हुए ऐ साकी तुम मुझपर जो इस तरह, मेरी रूह भी मुझे ख़ुद से फ़िर बेगाना बुलाने लगी। मग़र नींद तो खुलनी थी काली रात के ढलने पर, अंधेर ख़्वाबों को सुलगना था आफ़ताब के जलने पर, राब्ता तो उनसे महज़ ख़ुदको बिखेरने तक का था, ये इल्म हुआ एक हरजाई का आकाश के मरने पर। इश्क़ में राख़ होकर सुनो ये आशिक़ दिलदार कहे, हर दीवाना इस जहान में ऐसी मोहब्बत सौ बार करे, जब टूटकर टुकड़े मिलते हैं तो ऐसा कमाल लिखते हैं, के टकरा जाएं जब भी किसीसे तो बिछड़ना हर बार रहे। ©Akash Kedia #wallpaper poetry in hindi love poetry in hindi #writerscommunity #writing #poem #Hindi #yqbaba #yqdidi
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read moreKomal Singh
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