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rajeshwari Thakur
कौन हैं वो लड़की? वो चुप चुप सी क्यूं हैं? इक राज छुपाए अपने दिल में, वो गुमसुम सी क्यूं हैं। लेगी वो बदला, बदला लेगी वो, उस हर कातिल से, जिसने उस लड्की की हंसी को, दर्द में भींगाई हैं। वही आसमां, वही जमीं होगी, रात भी वैसी,बात भी वैसी ही होगी उसी जगह, वही भंयकर शोर होगा बदले में सब कुछ खामोश होगा। धर्म होगा, मर्ज होगा, बांकि था वो फर्ज होगा। बड़े दिनो के बाद आज, उस दिल का दर्द कम होगा। दौड़ी थी वो ,चीखी थी वो, लेकिन रहम न किसी ने दिखलाई। आयी, आयी, आयी, आयी अब उस हत्यारे कि बारी आई। ©rajeshwari Thakur #andhere#आखिरी सांस#हॉरर स्टोरी
hemlata25011964gmailcom
White केसे एक इनसान की जरनी बचपन जवानी बुढापा ओर फिर एक दिन ये सुनदर काया शमशान मे धुल खाती सफर खत्म बाकी कुछ भी नही मेरा मेरा कुछ भी नही तेरा खाली हाथ आया खाली हाथ निकल गया ©hemlata25011964gmailcom #Sad_Status आखिरी मजिल # nojoto#
#Sad_Status आखिरी मजिल # nojoto#
read moreDiya
White कभी भी यह मत सोचना कि तुम्हें याद नहीं करते हम, तुम सूरज की पहली किरण, और रात का आखिरी ख़्वाब हो तुम, तुम्हें देखें बगैर मेरा दिन नहीं गुजरता , मेरी आखिरी और पहले ख्वाहिश हो तुम। ©Diya #GoodMorning #कभी भी यह #मत सोचना कि तुम्हें #याद नहीं करते हम, तुम सूरज की पहली #किरण, और रात का #आखिरी ख़्वाब हो तुम, तुम्हें देखें बगैर
ranjit Kumar rathour
अब नहीं आओगी न फिर कभी बस इतना ही बोल पाया था जाओ खुश रहना अपना ख्याल रखना अटकी सी थी आवाज मेरी इतना कह कर उसे भर लिया था अपनी बांहों मे ये सब कुछ अचानक से हुआ आवाज रुआसी थी सीने से लगकर बोली आउंगी न मानो ढाडस दे रही थी उस वक्त मै कितना छोटा हो गया था वो छोटी होकर भी बड़ी भींच लिया था इस कदर बांहों मे जैसे ये अखिरी हो पता है अब तो तमाम उम्र यादो संग गुजारनी है उसके लेकिन हा जाते जाते कहा था भूलाना मेरी गलतियों को लेकिन भूलना गलतियों को सिर्फ हमें नहीं खुश रहना अपना ख्याल रखना ©ranjit Kumar rathour आखिरी दिन
आखिरी दिन
read moreranjit Kumar rathour
और आज़ आखिरी दिन है कॉलेज का फिर शायद ही कोई मौका मिले कॉलेज आने का वैसे भी कौन आना चाहता है यहाँ सारे खड़ूस है सिवाय आपके सो आता रहा अब नहीं आना ये शब्द पता नहीं डरावने थे मगर पहली दफा एक आवाज़ निकली आना किसी बहाने बोल नहीं पाया वो समझती बहुत थी बोली आऊंगा न मन रखने के लिए बस इतने ही दिनों का साथ था शुक्रिया तुम्हारा तुमने जीवन मे एक नया पन्ना जोड़ा ©ranjit Kumar rathour आखिरी दिन
आखिरी दिन
read mores गोल्डी
.. औरत का पहला गुरूर उसका हुस्न होता हैं और आखिरी गुरूर उसके बच्चे होते हैं... अपने आखिरी गुरूर को मुकम्मल करने के लिए वो अपने पहले गुरूर को ख़ाक में मिला देती है ©s गोल्डी .. औरत का पहला गुरूर उसका हुस्न होता हैं और आखिरी गुरूर उसके बच्चे होते हैं... अपने आखिरी
.. औरत का पहला गुरूर उसका हुस्न होता हैं और आखिरी गुरूर उसके बच्चे होते हैं... अपने आखिरी
read moreranjit Kumar rathour
साल आखिरी दिन था अपने सफर से घर कि ओर चल पड़ा था कि याकयक याद कोई आ गया सोचा उसके घर के सामने से जाना है देख लेता उसे मिल लेता उसे करीब से देख लेता साल कि आखिरी मुलाक़ात सोचता हुआ निकला मगर ये कैसे था संभव एकाएक दरवाजे से गुजरा मेरी बाइक रुक गयी वो भागी आयी बोली बोलिए!क्या कहता सो कहा आज़ आखिरी साल है कल बदल जायेगा तुम 2024 ही रहना बदलना नहीं यही कहना था हा मिलूंगा कल भी 2025मे थोड़ी निखरी निखरी बहकी बहकी मिली थी एक अभिवादन था जिसमें था हम वहीँ है और वहीँ पर ©ranjit Kumar rathour मै वहीँ और जगह वहीँ (2024 का आखिरी din)
मै वहीँ और जगह वहीँ (2024 का आखिरी din)
read moreनवनीत ठाकुर
खुदा ने दी है ये सांसें तो बस जी लो, क्या पता ये पल आखिरी सलाम हो। ख्वाहिशें कम कर, दिल को थोड़ा आराम दे, हर चाहत का पूरा होना न कोई इनाम हो। बस सच और मोहब्बत का दामन थाम ले, सफर का यही असली अंजाम हो। ग़म और खुशियों को बराबर समझ लो, हर लम्हा जीने का मुकम्मल मुकाम हो। जो है आज, वही सब कुछ है यार, किसे पता, कल का क्या इंतज़ाम हो। ©नवनीत ठाकुर #नवनीतठाकुर खुदा ने दी है ये सांसें तो बस जी लो, क्या पता ये पल आखिरी सलाम हो। ख्वाहिशें कम कर, दिल को थोड़ा आराम दे, हर चाहत का पूरा होना
#नवनीतठाकुर खुदा ने दी है ये सांसें तो बस जी लो, क्या पता ये पल आखिरी सलाम हो। ख्वाहिशें कम कर, दिल को थोड़ा आराम दे, हर चाहत का पूरा होना
read moreBh@Wn@ Sh@Rm@
White ।।शहीद् का आखिरी खत ।। खत लिख रहा हु मां तुझे, लिख रहा अपना हाल हुं तुम चिंता ना करना मां , मै अपनी भारत माँ के पास हुं बड़े प्यार से रखती मुझको,अपनी ममता का आँचल फैला देती नींद मुझे जब आती हे ,अपनी बाहों मे मुझे सुला लेती तेरी जैसी ही तोह मूरत हे ,मै रोज ख्याब मे मिलता हुं मै उसका भी लाल हु मां , तभी बार्डर पर रहता हुं तूने जन्म देकर मुझे ,सौपा भारत मां के हाथों मे उसकी रक्षा करना ,मुझे बताया तूने हर बात मे लिख रहा हुं खत मे जो हकीकत मेरी हे पड़ के रोना नही मां ,तुझे सौंगध मेरी हे मै आऊ जब लिपट कर तिरंगे मे देख मुझे ना हार तु जाएगी वादा कर मां अपने लाल को अश्रु ना चढ़ायेगी मुस्करा कर भारत माँ की गोद मे मुझे सुलाएगी लूंगा फिर जन्म हर जन्म तेरा लाल बन कर हर जन्म मां मुझे तु सैनीक ही बनाएगी हर जन्म मां मुझे तु सैनीक ही बनाएगी।। ।।भावना शर्मा ।। ©Bh@Wn@ Sh@Rm@ #शहिद् का आखिरी खत
#शहिद् का आखिरी खत
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