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Bheem Bheemshankar
दिल मे मेरे बसने वाला किसी दोस्त का प्यार चाहिए ना दुआ💖 ना खुदा ना हाथों मे कोई तलवार चाहिए💞 मुसीबत मे किसी एक प्यारे साथी का हाथों मे हाथ चाहिए कहूँ ना मै कुछ💯 समझ जाए वो सब कुछ दिल मे उस के अपने लिए ऐसे जज़्बात चाहिए💥 उस दोस्त के चोट लगने पर हम भी दो आँसू बहाने का हक़ रखें💢 और हमारे उन आँसुओं को पोंछने वाला उसी का रूमाल चाहिए मैं तो तैयार हूँ💫 हर तूफान को तैर कर पार करने💔 ©Bheem Bheemshankar #DryTree दिल मे मेरे बसने वाला किसी दोस्त का प्यार चाहिए ना दुआ ना खुदा ना हाथों मे कोई तलवार चाहिए मुसीबत मे किसी एक प्यारे साथी का हा
#DryTree दिल मे मेरे बसने वाला किसी दोस्त का प्यार चाहिए ना दुआ ना खुदा ना हाथों मे कोई तलवार चाहिए मुसीबत मे किसी एक प्यारे साथी का हा
read moreshayariwaladoctor
White नादानी कहूँ या भूल कहूँ एक सबक की जिनसे प्यार होता है उनसे नफरत भी होती गजब की ©shayariwaladoctor #love_shayari नादानी कहूँ या भूल कहूँ एक सबक की जिनसे प्यार होता है उनसे नफरत भी होती गजब की
#love_shayari नादानी कहूँ या भूल कहूँ एक सबक की जिनसे प्यार होता है उनसे नफरत भी होती गजब की
read moreनवनीत ठाकुर
ज़ुबाँ से कहूँ तो टूट जाती है ख़ामोशी, दिल से कहूँ तो बढ़ जाती है बेहोशी। आँखों में लफ्ज़ हैं, पर वो पढ़ते नहीं, दिल में सवाल है, पर वो सुनते नहीं। हर आह में छुपा है एक दर्द का समंदर, पर उनकी समझ से दूर है ये मुक़द्दर। ©नवनीत ठाकुर #नवनीतठाकुर ज़ुबाँ से कहूँ तो टूट जाती है ख़ामोशी, दिल से कहूँ तो बढ़ जाती है बेहोशी। आँखों में लफ्ज़ हैं, पर वो पढ़ते नहीं, दिल में सवाल
#नवनीतठाकुर ज़ुबाँ से कहूँ तो टूट जाती है ख़ामोशी, दिल से कहूँ तो बढ़ जाती है बेहोशी। आँखों में लफ्ज़ हैं, पर वो पढ़ते नहीं, दिल में सवाल
read moreAnjali Singhal
"दिल की धड़कन सुनकर देखो, धड़कन मेरे नाम की धड़कती है क्या! इसे ही समझ लो इज़हार-ए-इश्क़, इससे ज्यादा और मैं कहूँ क्या!!" Dhadkan ❤️
read moreAshraf Fani
Unsplash एक तराशे हुए हीरे की तरह लगती हो रात अंधियारी में जुगनू की तरह लगती हो होश में हूँ या की बेहोशी में, जो भी हो ये क्या कहूँ तुम मुझे की और क्या क्या लगती हो ©Ashraf Fani एक तराशे हुए हीरे की तरह लगती हो रात अंधियारी में जुगनू की तरह लगती हो होश में हूँ या की बेहोशी में जो भी हो ये क्या कहूँ तुम मुझे की और क्य
एक तराशे हुए हीरे की तरह लगती हो रात अंधियारी में जुगनू की तरह लगती हो होश में हूँ या की बेहोशी में जो भी हो ये क्या कहूँ तुम मुझे की और क्य
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