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ALFAZ DIL SE
White donoñ jahān terī mohabbat meñ haar ke vo jā rahā hai koī shab-e-ġham guzār ke vīrāñ hai mai-kada ḳhum-o-sāġhar udaas haiñ tum kyā ga.e ki ruuTh ga.e din bahār ke ik fursat-e-gunāh milī vo bhī chaar din dekhe haiñ ham ne hausle parvardigār ke duniyā ne terī yaad se begāna kar diyā tujh se bhī dil-fareb haiñ ġham rozgār ke bhūle se muskurā to diye the vo aaj 'faiz' mat pūchh valvale dil-e-nā-kardā-kār ke ~Faiz Ahmed Faiz ©ALFAZ DIL SE #love_shayari #FaizAhmadFaiz #DrDanQuote
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White हम पर तुम्हारी चाह का इल्ज़ाम ही तो है दुश्नाम तो नहीं है ये इकराम ही तो है करते हैं जिस पे तान कोई जुर्म तो नहीं शौक़-ए-फ़ुज़ूल ओ उल्फ़त-ए-नाकाम ही तो है दिल मुद्दई के हर्फ़-ए-मलामत से शाद है ऐ जान-ए-जां ये हर्फ़ तेरा नाम ही तो है दिल ना उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है दस्त-ए-फ़लक में गर्दिश-ए-तक़दीर तो नहीं दस्त-ए-फ़लक में गर्दिश-ए-अय्याम ही तो है आख़िर तो एक रोज़ करेगी नज़र वफ़ा वो यार-ए-ख़ुश-ख़िसाल सर-ए-बाम ही तो है भीगी है रात 'फ़ैज़' ग़ज़ल इब्तिदा करो वक़्त-ए-सरोद दर्द का हंगाम ही तो है ~फ़ैज़ अहमद फ़ैज़- ©ALFAZ DIL SE #leafbook #FaizAhmadFaiz #DrDanQuote
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read moreRaah-e-fakira
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read moreVaibhav soni
Mujhse Pehli si muhabbat meri mehboob na maang by Faiz Ahmad Faiz #FaizAhmadFaiz #urdishayari #urdupoetry Shayari #nazm
read moreirslan khan
#FaizAhmadFaiz #Shayari Poetry Love Life #Quotes #Quote #Trending Thoughts uvsays Sethi Ji Ritu Tyagi PREET (ᵔᴥᵔ) Anshu writer
read moreGumnaam-Shayar
Deep isq Shayri #lover
मुझ से पहले तुझे जिस शख़्स ने चाहा उस ने शायद अब भी तिरा ग़म दिल से लगा रक्खा हो एक बे-नाम सी उम्मीद पे अब भी शायद अपने ख़्वाबों के जज़ीरों को सजा रक्खा हो मैं ने माना कि वो बेगाना-ए-पैमान-ए-वफ़ा खो चुका है जो किसी और की रानाई में शायद अब लौट के आए न तिरी महफ़िल में और कोई दुख न रुलाये तुझे तन्हाई में मैं ने माना कि शब ओ रोज़ के हंगामों में वक़्त हर ग़म को भुला देता है रफ़्ता रफ़्ता चाहे उम्मीद की शमएँ हों कि यादों के चराग़ मुस्तक़िल बोद बुझा देता है रफ़्ता रफ़्ता ©Deep #FaizAhmadFaiz