Find the Best ख्यालों Shayari, Status, Quotes from top creators only on Nojoto App. Also find trending photos & videos aboutख्यालों में गुम हो जाते हैं, ख्यालों में सोचा नहीं था, ख्यालों में सोचा नहीं, ख्यालों में शायरी, ख्यालों की रानी,
Ashutosh Mishra
White तेरे ख़्यालों मे इतने मसरूफ थे कब दिन ढला रात बीती सुबह हुई मालूम नही अल्फाज मेरे✍️🏽🙏🙏 ©Ashutosh Mishra #sad_quotes #हिंदीनोजोटो #हिंदी_कोट्स_शायरी #हिंदीकोट्स #तेरे #ख्यालों #में #आशुतोषमिश्रा Shree ANOOP PANDEY गुमनाम KK क्षत्राणी Dilip
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read moreबेजुबान शायर shivkumar
तेरी एक् झलक ©बेजुबान शायर shivkumar तेरी एक #झलक से मेरी ये दुनिया बदल जाती है, तू न हो पास तो मेरी ये #धड़कन रुक सी जाती है । तुम्हारी एक वो #मुस्कान से मेरी ये #साँसें चलती हैं, तुम्हारे बिना तो मेरी ये धड़कन भी थम सी जाती है । तेरे #ख्यालों में ही तो मेरी सुबह होती है, तेरे बिना मेरी ये जिंदगी #अधूरी सी लगती है।
बेजुबान शायर shivkumar
White तुम रह्ते हो खयलो म्र् ©बेजुबान शायर shivkumar तुम पास ना होकर भी , तुम रहते हो मेरे #साथ मे इन #अंधेरी गलीयों को यु , तुम करते हो इन्हे रौशन इस बंजर से बाग को , तुम्ही तो #महकाते हो मेरे अंधेरे शहर को , तुम्ही तो #चमकाते हो इस विरान सी जमीन पर, तुम्ही तो एक लहराते हो इस पिघलते हुए #सुरज के साथ , तुम भी यु ढ़लते हो
Rakesh frnds4ever
White मेरे ख्यालों की मल्लिका आए जो तू मेरे जीवन में साथ चलो जो जीवन सफ़र में बनकर तुम जीवनसाथी सपने सारे सच हो जाएं , तुम दीपक मैं बाती खुशियां मुझको भी मिल जाएं, मेरे घर का रस्ता मिल जाए उनको जो तुम घर आओ मेरे बनकर हमसाथी मेरे ख्यालों की मल्लिका आ जाओ जो तुम मेरे जीवन में सुख सारे मुझको मिल जाएं, रंग बिरंगी फूल खिल जाएं मेरे घर आंगन में ©Rakesh frnds4ever #मेरे #ख्यालों की मल्लिका आए जो तू मेरे जीवन में साथ चलो जो #जीवन सफ़र में बनकर तुम जीवनसाथी #सपने सारे सच हो जाएं , तुम दीपक मैं बाती #खुशियां मुझको भी मिल जाएं, मेरे घर का रस्ता मिल जाए उनको
Rabindra Kumar Ram
*** ग़ज़ल *** *** नुमाइश *** " क्यों ना तेरा तलबगार हो जाऊं कहीं मैं , मैं मुख्तलिफ मुहब्बत हूं इस दस्तूर से , क्यों ना तेरा बार बार मुसलसल हो जाऊं मैं , खुद को तेरी आदतों में कितना मशग़ूल किया जाये , तुझमें में मसरुफ़ कहीं जाऊं मैं , बात जो भी फिर कहा तक जार बेजार , तेरे ज़िक्र की नुमाइश की पेशकश की जाये , लो ज़रा सी इबादत कर लूं भी मैं , इश्क़ की बात हैं मुहब्बत कर लूं मैं , तेरे ख्यालों की नुमाइश क्या ना करता मैं , ज़र्फ़ तेरी जुस्तजू तेरी आरज़ू तेरी , फिर इस हिज़्र में फिर किस की ख़्वाहिश करता मैं , उल्फते-ए-हयात एहसासों को अब जिना आ रहा मुझे , जो तेरे ख्यालों के तसव्वुर से रफ़ाक़त जो कर रहा हूं मै . " --- रबिन्द्र राम ©Rabindra Kumar Ram *** ग़ज़ल *** *** नुमाइश *** " क्यों ना तेरा तलबगार हो जाऊं कहीं मैं , मैं मुख्तलिफ मुहब्बत हूं इस दस्तूर से , क्यों ना तेरा बार बार मुसलसल हो जाऊं मैं , खुद को तेरी आदतों में कितना मशग़ूल किया जाये , तुझमें में मसरुफ़ कहीं जाऊं मैं ,
*** ग़ज़ल *** *** नुमाइश *** " क्यों ना तेरा तलबगार हो जाऊं कहीं मैं , मैं मुख्तलिफ मुहब्बत हूं इस दस्तूर से , क्यों ना तेरा बार बार मुसलसल हो जाऊं मैं , खुद को तेरी आदतों में कितना मशग़ूल किया जाये , तुझमें में मसरुफ़ कहीं जाऊं मैं ,
read moreबेजुबान शायर shivkumar
White मुझे अपने हर दर्द का हमदर्द बना लो, दिल में नहीं तो ख्यालों में बैठा लो, सपनों में नहीं तो आंखों में सजा लो, अपना एक सच्चा अहसास बना लो ।। मुझे कुछ इस तरह से अपना लो, कि अपने दिल की धड़कन बना लो, मुझे छुपा लो सारी दुनिया ऐसे, कि अपना एक गहरा राज बना लो ।। करो मुझसे मोहब्बत इतनी, अपनी हर एक चाहत का अंजाम बना लो, ढक लो मुझे अपनी जुल्फों इस तरह, कि मुझे अपना संसार बना लो ।। आप फूल बन जाओ मुझे भंवरा बना लो, आप चांदनी बन जाओ मुझे चाँद बना लो, रख दो अपना हाथ मेरे हाथों में इस तरह, कि मुझे अपने जीवन का हमसफर बना लो ।। ©Shivkumar #Couple #Nojoto मुझे अपने हर दर्द का #हमदर्द बना लो, दिल में नहीं तो #ख्यालों में बैठा लो, सपनों में नहीं तो #आंखों में सजा लो, अपना एक सच्चा #अहसास बना लो ।।
Rabindra Kumar Ram
*** ग़ज़ल *** *** तसब्बुर *** " हम याद जऱा तुम्हें करेंगे , तेरी बात जऱा खुद से करेंगे , मुख्तलिफ मसले फिर क्या किया जाये , हम खुद में तुम्हें खोजते फिरेंगे , रास आये हयाते-ए-हिज्र फिर वो बात कहां मुलाक़ात कहा , सवालात जो करु फिर वो बात कहां , मिलना हैं की बिछड़ना हैं वो , मुख्तलिफ सवगात हैं , मिल की बिछड़ना ना परे , ऐसे में हमारी गुफ्तगू कहा , सब आईने के दस्तूर पुछते हैं , अभी तुम से मेरा मिलना हुआ कहा , कोई रुख करु तो फिर कोई बात हैं , बुझते जज्बातों के वो दौर कहा , यु खोना भी तूझे खोना है , फिर तुझसे मैं ग़ैर इरादातन फिर मिला कहां , कोई बात आज भी आईने के दस्तूर लिये बैठा हैं , मिलते तो पुछते तुम से कौन शक्ल अख्तियार किए बैठे हो , जो तसब्बुर के ख्यालों से तुम हु-ब-हू कहीं नहीं मिलते ." --- रबिन्द्र राम ©Rabindra Kumar Ram *** ग़ज़ल *** *** तसब्बुर *** " हम याद जऱा तुम्हें करेंगे , तेरी बात जऱा खुद से करेंगे , मुख्तलिफ मसले फिर क्या किया जाये , हम खुद में तुम्हें खोजते फिरेंगे , रास आये हयाते-ए-हिज्र
*** ग़ज़ल *** *** तसब्बुर *** " हम याद जऱा तुम्हें करेंगे , तेरी बात जऱा खुद से करेंगे , मुख्तलिफ मसले फिर क्या किया जाये , हम खुद में तुम्हें खोजते फिरेंगे , रास आये हयाते-ए-हिज्र
read moreManju Sharma
ये #ख्वाबों #ख्यालों की दुनिया... है बड़ी अजीब इश्क मे एक शख्स... मेहताब बना जाता है हमे मुहब्बत है उससे... बेहिसाब, बेइंतहा वो इश्क मे गणित लगाकर.. उलझाए चला जाता है जब वास्ता नहीं रखना.. क्यू आना,फिर चले जाना दिल तो आखिर दिल है.. झूठी खुशी पर बहुत इतराता है कुछ गलतियांँ उसकी, कुछ मेरी... भी रही होगी लेकिन हमारा रिश्ता दरम्याँ.....साँस भी न ले पाता है उसके ख्वाब-ओ-ख्यालों से... दूर हो चली हूँ दिमाग तर्क-ए-ताल्लुक़ात मे... फँसा चला जाता है ©Manju Sharma
Rabindra Kumar Ram
" उन ख्यालों की नुमाइश क्या करता मैं , बात की बात थी तुझे अनजाने में क्या बात करता मैं, अजनबी तु भी गैर मैं भी ठहरा इस इल्म से, इस हलफनामे में फिर तेरी नाम कैसे लेता मैं. " --- रबिन्द्र राम ©Rabindra Kumar Ram " उन ख्यालों की नुमाइश क्या करता मैं , बात की बात थी तुझे अनजाने में क्या बात करता मैं, अजनबी तु भी गैर मैं भी ठहरा इस इल्म से, इस हलफनामे में फिर तेरी नाम कैसे लेता मैं. " --- रबिन्द्र राम #ख्यालों #नुमाइश #अनजाने #गैर
Rabindra Kumar Ram
" उन ख्यालों की नुमाइश क्या करता मैं , बात की बात थी तुझे अनजाने में क्या बात करता मैं, अजनबी तु भी गैर मैं भी ठहरा इस इल्म से, इस हलफनामे में फिर तेरी नाम कैसे लेता मैं. " --- रबिन्द्र राम ©Rabindra Kumar Ram " उन ख्यालों की नुमाइश क्या करता मैं , बात की बात थी तुझे अनजाने में क्या बात करता मैं, अजनबी तु भी गैर मैं भी ठहरा इस इल्म से, इस हलफनामे में फिर तेरी नाम कैसे लेता मैं. " --- रबिन्द्र राम #ख्यालों #नुमाइश #अनजाने #गैर