Ramesh Puri Goswami (ravi)

Ramesh Puri Goswami (ravi) Lives in Palanpur, Gujarat, India

wel come🙏 to my account.,..I'am ravi goswami, palanpur Gujarat, 🖊🖊🖊🙏 """"""""" Ravi ""“""""

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"वो बेवफ़ा है उसे बेवफ़ा कहूँ कैसे बुरा ज़रूर है लेकिन बुरा कहूँ कैसे जो कश्तियों को डुबोता है ला के साहिल पर तुम्ही बताओ उसे नाख़ुदा कहूँ कैसे ये और बात बुरे को बुरा नहीं कहता बुरा बुरा है बुरे को भला कहूँ कैसे वो मेरी साँसों में दिल में नज़र में ग़ज़लों में मैं अपने-आप से इस को जुदा कहूँ कैसे जो तुझ से कहना है दुनिया से वो छुपाना है अगर ग़ज़ल न कहूँ तो बता कहूँ कैसे हवा की शह पे जलाता है घर ग़रीबों के 'नवाज़' ऐसे दिए को दिया कहूँ कैसे (नवाज देवबंदी) ©Ramesh Puri Goswami (ravi)"

वो बेवफ़ा है उसे बेवफ़ा कहूँ कैसे
बुरा ज़रूर है लेकिन बुरा कहूँ कैसे

जो कश्तियों को डुबोता है ला के साहिल पर
तुम्ही बताओ उसे नाख़ुदा कहूँ कैसे

ये और बात बुरे को बुरा नहीं कहता
बुरा बुरा है बुरे को भला कहूँ कैसे

वो मेरी साँसों में दिल में नज़र में ग़ज़लों में
मैं अपने-आप से इस को जुदा कहूँ कैसे

जो तुझ से कहना है दुनिया से वो छुपाना है
अगर ग़ज़ल न कहूँ तो बता कहूँ कैसे

हवा की शह पे जलाता है घर ग़रीबों के
'नवाज़' ऐसे दिए को दिया कहूँ कैसे
(नवाज देवबंदी)

©Ramesh Puri Goswami (ravi)

#Rose @Bharat Goswami @saloni Bhatia @arun baraskar @Anita Sahani @Kamal Ahmad

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"मिल के होती थी कभी ईद भी दीवाली भी अब ये हालत है कि डर डर के गले मिलते हैं ©Ramesh Puri Goswami (ravi)"

मिल के होती थी कभी ईद भी दीवाली भी
अब ये हालत है कि डर डर के गले मिलते हैं

©Ramesh Puri Goswami (ravi)

#eidmubarak

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"Eid Mubarak उस से मिलना तो उसे ईद-मुबारक कहना ये भी कहना कि मिरी ईद मुबारक कर दे ©Ramesh Puri Goswami (ravi)"

Eid Mubarak उस से मिलना तो उसे ईद-मुबारक कहना
ये भी कहना कि मिरी ईद मुबारक कर दे

©Ramesh Puri Goswami (ravi)

#HappyEid

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"ग़म के बादल भले ही गहरे हों बस तिरी याद के उजाले हों हम को दरकार इक तबीब की है आप आएँ तो हम भी अच्छे हों काम आसान कर दिया जाए इश्क़ में वापसी के रस्ते हों इन को भी अपनी झुरियाँ दिख जाएँ आइनों के भी अपने चेहरे हों (इरफान खान) ©Ramesh Puri Goswami (ravi)"

ग़म के बादल भले ही गहरे हों
बस तिरी याद के उजाले हों

हम को दरकार इक तबीब की है
आप आएँ तो हम भी अच्छे हों

काम आसान कर दिया जाए
इश्क़ में वापसी के रस्ते हों

इन को भी अपनी झुरियाँ दिख जाएँ
आइनों के भी अपने चेहरे हों
(इरफान खान)

©Ramesh Puri Goswami (ravi)

#seashore

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"बोझ है दोस्तों ये छोटी सी चिट्ठी भी हमें बहुत कुछ सीखाती है!! आपने देखा होगा चिट्ठीओ का घर यानी चिट्ठी यो की नगरी! जिसमें हजारों की संख्या में सभी मिलजुल कर रेहती है! यानि कि एकता! और चिट्ठीयो में यह गजब बात है कि वो अपने वजन से दस गुना अधिक वजन उठा सकतीं है! और उनकी एकता की कहवत भी है! जाझी चिट्ठीया साप को खिच्चे!! ©Ramesh Puri Goswami (ravi)"

बोझ है  दोस्तों ये छोटी सी चिट्ठी भी हमें बहुत कुछ सीखाती है!! 
आपने देखा होगा चिट्ठीओ का घर यानी चिट्ठी यो की नगरी! 
जिसमें हजारों की संख्या में सभी मिलजुल कर रेहती है! 
 यानि कि एकता!  और चिट्ठीयो में यह गजब बात है कि वो अपने वजन से दस गुना अधिक वजन उठा सकतीं है!
और उनकी
एकता की कहवत भी है! जाझी चिट्ठीया साप को खिच्चे!!

©Ramesh Puri Goswami (ravi)

#PoetInYou

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