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madhusudanshriva5898
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Madhusudan Shrivastava

A simple person. Professionally a banker. Love poetry. Gmail and YouTube - madhu1181@gmail.com

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Madhusudan Shrivastava

तरू पल्लव जड़ फल फूलों अरु   शाखाओं पर पुष्पित राम। 
दृश्य नहीं हैं किंतु सृष्टि में    कण-कण घट-घट व्यापित राम। 

राज महल के भोग छोड़ कर     मर्यादा को मान दिये। 
कुल मर्यादा अरु समाज के     मूल्यों का वो ज्ञान दिये। 
विधि लेती है कठिन परीक्षा,     नहीं थे इससे वंचित राम। 

दृश्य नहीं हैं किंतु सृष्टि में     कण-कण घट-घट व्यापित राम।। 

शिव के अप्रतिम भक्त राम तो    राम-भक्त भोले शंकर। 
एक दूजे की शक्ति हैं दोनो      रघुनंदन अरु रामेश्वर। 
रघुकुल भूषण सूर्यवंश मणि    सियापति शिव पूजित राम।

दृश्य नहीं हैं किंतु सृष्टि में    कण-कण घट-घट व्यापित राम ।। 

साथी धर्म निभाने को वो,    शक्ति बाण भी सह लेते। 
जीत के लंका लंकापति से,   राज्य विभिषण को देते। 
देवों के हैं देव किंतु,    हैं सहज सरल अनुशासित राम। 

दृश्य नहीं हैं किंतु सृष्टि में    कण-कण घट-घट व्यापित राम।। 

सतयुग, त्रेता, द्वापर, कलियुगराम   के ग्रंथों का सार हैं राम। 
भाषा भाष्य विभाषा हैं वो    परिभाषा के पार हैं राम। 
किन्तु जगत में समय समय पर   किये गए परिभाषित राम।

दृश्य नहीं हैं किंतु सृष्टि में    कण-कण घट-घट व्यापित राम ।। 

हे सृष्टा, हे सृष्टि नियंता,  तुम ही नियम, नियामक भी। 
संहारक हो दुष्टों का तुम,   तुम ही जगत के पालक भी। 
सुर नर मुनि के श्रेष्ठ आचरण   से सज्जित मर्यादित राम। 

दृश्य नहीं हैं किंतु सृष्टि में   कण-कण घट-घट व्यापित राम।। 
जन मानस के रोम रोम अरु   हिय पर सबके अंकित राम।

©Madhusudan Shrivastava
  राम राम राम राम राम Sircastic Saurabh @it's_ficklymoonlight Sudha Tripathi poetess Pratima Upadhyay

राम राम राम राम राम Sircastic Saurabh @it's_ficklymoonlight Sudha Tripathi poetess Pratima Upadhyay #कविता

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Madhusudan Shrivastava

मेरा  तन है यहाँ  पर  मन नहीं  है।
मधु  है, वन है, पर मधुवन नहीं है।

तेरा दर  छोड़ कर मैं  जा  रहा हूँ,
मगर जाने  को, मेरा  मन नहीं  है।

मेरे  किरदार की  है  ये ग़मक जां
के मेरे  पास  तो   चंदन  नहीं  है।

थपेड़े लू के ही मिलते हैं मुझको
मेरी इस ज़ीस्त में सावन नहीं है। 

वफ़ा है  खूब पर इसके सिवा अब 
'मधु' के  पास   कोई धन नहीं है।

©Madhusudan Shrivastava #delicate नहीं हैChocolate

#delicate नहीं हैChocolate #शायरी

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Madhusudan Shrivastava

मोहब्बत का आला अदब लिख रहा हूँ
जो लिखना था पहले वो अब लिख रहा हूँ
नहीं कुछ मैं उनका, मेरी बदनसीबी
मगर मैं उन्हें अपना सब लिख रहा हूँ
 Kumar Shaurya Ashish Chocolate MM Mumtaz Rakhee ki kalam se

मोहब्बत का आला अदब लिख रहा हूँ जो लिखना था पहले वो अब लिख रहा हूँ नहीं कुछ मैं उनका, मेरी बदनसीबी मगर मैं उन्हें अपना सब लिख रहा हूँ Kumar Shaurya Ashish Chocolate MM Mumtaz Rakhee ki kalam se #शायरी

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Madhusudan Shrivastava

खूब लड़ीं मर्दानी

खूब लड़ीं मर्दानी #कविता

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Madhusudan Shrivastava

जय जयति जयति जय हिंद हिंद

जय जयति जयति जय हिंद हिंद #कविता

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Madhusudan Shrivastava

Nojoto Got Talent
Pyare ji
https://nojoto.onelink.me/Wxeg/3mqu3cb9 

Kundan Dubey ji
https://nojoto.onelink.me/Wxeg/kwymhbso

Nojoto Got Talent Pyare ji https://nojoto.onelink.me/Wxeg/3mqu3cb9 Kundan Dubey ji https://nojoto.onelink.me/Wxeg/kwymhbso #जानकारी

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Madhusudan Shrivastava

ईद मुबारक़ ABRAR IrFaN༎ຶ⁠‿⁠༎ຶSaEeD NIKHAT الفاظ جو دل کو چھو لے नीर

ईद मुबारक़ ABRAR IrFaN༎ຶ⁠‿⁠༎ຶSaEeD NIKHAT الفاظ جو دل کو چھو لے नीर #शायरी

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Madhusudan Shrivastava

जरूरत से ज़्यादा

जरूरत से ज़्यादा #शायरी

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Madhusudan Shrivastava

#TuneWithTone सुप्रभात
good morning

#TuneWithTone सुप्रभात good morning #कविता

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Madhusudan Shrivastava

यूँ ही इस्तिफ़ादा नहीं चाहता मैं
जरूरत से ज़्यादा नहीं चाहता मैं

तेरे दिल में क्या है मुझे तू बता दे
कोई झूठा वादा नहीं चाहता मैं

भले मुझको आधी ही रोटी तू देना
तेरा प्यार आधा नहीं चाहता मैं

तेरे दिल में जानाँ रहूँ सिर्फ़ मैं ही
तेरा दिल कुशादा नहीं चाहता मैं

के दरिया के पानी को छूना न जाना
हो पानी भी बादा नहीं चाहता मैं

सफ़र चाहे जितना भी हो ऊँचा-नीचा
कभी होना माँदा नहीं चाहता मैं

कटे हक़ किसी का,मिले फिर किसी को
हो ऐसा इरादा नहीं चाहता मैं

इस्तिफ़ादा - लाभ, कुशादा - चौड़ा spacious, 
बादा - शराब, माँदा - धीमा

©Madhusudan Shrivastava
  #walkingalone 
नहीं चाहता मैं- ग़ज़ल Prashant Shakun "कातिब" MM Mumtaz जादूगर Sircastic Saurabh Anshu writer

#walkingalone नहीं चाहता मैं- ग़ज़ल Prashant Shakun "कातिब" MM Mumtaz जादूगर Sircastic Saurabh Anshu writer

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