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कवि प्रदीप वैरागी

कुंडलिया छंद: 
मैंने जिससे की सदा,सीधे मुँह से बात,
उससे ही मुझको मिली, सदा घात पर घात।।
सदा घात पर घात, रात दिन सता रहा है। 
कितनी है औकात, हमें भी बता रहा है।। 
वैरागी कविराय,न जाता कोई कहने।
परेशान सब लोग,तमाशा देखा मैनें।। #कुंडलिया

कवि प्रदीप वैरागी

कुंडलिया छंद :
संकट का यह दौर है,कट जायेगा मित्र। 
लेकिन मिट सकते नहीं,उर पर ऊभरे चित्र।। 
उर पर उभरे चित्र, विचित्र कलाकारी। 
पुलिस, डॉक्टर सब डटे,रात-दिन सेवा जारी। 
सेवा रूपी  नाव  ,रोल है  केवट का। 
आये कभी न और, दौर यह संकट का।। #कुंडलिया

poetess Manisha Joshi

कुंडलिया छंद

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डॉ. शिवानी सिंह मुस्कान

कुंडलिया छन्द मे एक रचना #सरसिज

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कुण्डलिया-                     -
छन्द                     



#सरसिज ज्यों शैवाल मे, शोभित हो जल बीच|
तन्वी तेरे दो नयन ,लेते सबको  खींच।
लेते सबको खींच,भला कैसे बच  पाए।
अनुपम है सौन्दर्य,देख भँवरे मँडराएं।।
घूम रहे चहुँ ओर ,दूर जाये हरगिज़ क्यों।
नयन सरोवर खिली ,रहो गोरी सरसिज ज्यों।।

©डॉ.शिवानी सिंह कुंडलिया छन्द 
मे एक रचना

Prathmesh

सॉन्ग माय सॉन्ग #शायरी

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Roy Boy

देशभक्त सॉन्ग।। #सॉन्ग #viral #जानकारी

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सांध्यगीत

कुण्डलिया छंद

विप्रोचित ना एक ही,शील और संस्कार।
दुः बुद्धि दम्भी पतित,दुःगुण के आगार।।
दुःगुण के आगार,स्वयम्भू पंडित नाम धरे।
दुर्व्यसनों से ग्रस्त,त्रस्त सज्जनों को करे।।
ऐसे  छद्मों से  मनुज,करलो दूरी क्षिप्र।
मानुष ही ये हैं नहीं,दूर की कौड़ी विप्र।।

सांध्यगीत✍🏻 #कुंडलिया #kundaliya #brahaman #brahman #ब्राह्मण 

#Drops

Roy Boy

देशभक्त सॉन्ग।। #सॉन्ग #viral #जानकारी

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Manjul mahoba

प्यार और तकरार #कुंडलिया छंद #WritersMotive

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vinay vishwasi

कुंडलिया छंद की दूसरी कोशिश #विश्वासी

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              कुंडलिया छंद

मेहनत  सब खूब  करें, मिलता  न रोजगार।
करें  भी  तो क्या ये अब, पढ़े-लिखे लाचार।
पढ़े - लिखे लाचार ,वे  दर - दर ही भटकते।
बीतती क्या उनपर,अब खुद ही वे समझते। 
सो  रहे  माननीय , नहीं  हैं  उनको फुरसत।
फाँक  रही  है  धूल , युवा  वर्ग  की मेहनत।।२।। कुंडलिया छंद की दूसरी कोशिश
#विश्वासी
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