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Arjun Verma

Niraj Pandey

सेहरा की गर्मी में  कुछ सर्द  हवाएं  चाहिए 
पल भर में होश उड़ा दे ऐसी अदाएं चाहिए 

दिखावटी  है  दुनिया और मतलबी हैं लोग 
अपनों से दिल भर गया  यार पराए चाहिए

क्यों  खर्च  कर रहे हो मुझपर ये पैसे अपने 
मुझे तो तोहफे में बस फूल मुरझाए चाहिए 

हाल पूछने हस्पताल तक आए  हो तो सुनो 
दवाएं चल रही  हैं बस थोड़ी दुवाएँ चाहिए 
😊 
अल्फ़ाज़-ए-नीरज✍🏻

©Niraj Pandey #seashore

VADRA KRISHNA

#seashore పంతం #ఆలోచనలు

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Siddiqui Adnan

Ho sakta hai mai Ghalat hu , 
Par Mard jis Aourat se Muhabbat
Karta hai , us sey , kabhi sakhti se 
Pesh nahi Ata chahe vo jitna Marzi 
Ghussey me ho ,,
Mard ke liye manpasand aourat se badhkar 
Duniya ki koyi shah nahi hoti ,
Or duniya ki koy shah Mard ke Dil, 
Or Dimagh par sukoon nahi kar sakti ,,
Siwaaye uske Manpasand Aourat ke ..

हो सकता है मैं ग़लत हु,
पर मर्द जिस औरत से मुहब्बत
करता है , उस से कभी सख्ती से 
पेश नही आता चाहे वो जितना मर्जी 
गुस्से में हो ,,
मर्द के लिए मनपसंद औरत से बढ़कर 
दुनिया की कोई शह नही होती ,
और दुनिया की कोई शह मर्द के दिल ,
और दिमाग़ पर सुकून नही कर सकती ,,
सिवाए उसके मनपसंद औरत के ।।

ہو سکتا ہے میں غلط ہو ،
پر مرد جس عورت سے محبّت
کرتا ہے ، اُس سے کبھی سختی سے 
پیش نہیں آتا چاہئے وہ جیتنا مرضی 
غصّے میں ہو ،،
مرد کے لیے منپسند عورت سے بڑھکر 
دنیا میں کوئی شہ نہیں ہوتی ،
اور دنیا کی کوئ شہ مرد کے دل 
اور دماغ پر سکون نہیں کر سکتی ،،
سواۓ اُسکے منپسند عورت کے ۔۔

©Siddiqui Adnan #seashore

sita

rohit verma

rohit verma

शब्द बहुत है कहने को,भाव तैयार है बहने को,
हृदय गद् गद् गदराया,अश्रु नयन है पथराया 
कल्पना भी ढूंढ रही उदगारो को,
जैसे नदी एक है सहती दो किनारों को ! 
चले पथ सबके विश्वास से,सब थे दिल सब ही खास थे ! 
जो लूटाया स्नेह ,अब मैं अभिभूत हुं 
 मैं कभी था वर्तमान ,अब मैं ही भूत हुं  
 जोड़े दोनो हाथ से ,धन्य धन्य करता रहूं 
         अविस्मरणीय स्मृति से,तिजोरियां भरता रहूं !                 
✍️ रामगोपाल  वर्मा 
           कवि सरपट सादलपुरी

©rohit verma #seashore

VADRA KRISHNA

SHIVA KANT(Shayar)

जितू

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