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atrisheartfeelings

आपको यह पसंद आएगा! 😀😀😀😀😀😀😀 चीन से एक आदमी भारत आया। उसने हवाई अड्डे पर एक टैक्सी ली। सड़क पर बस को देखकर उसने टैक्सी ड्राइवर से कहा कि भारत #Stories #yqbaba #yqdidi #ananttripathi #atrisheartfeelings

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Taxi Meter 
Made in china....
Please read in captions... आपको यह पसंद आएगा!
 😀😀😀😀😀😀😀
चीन से एक आदमी भारत आया। उसने हवाई अड्डे पर एक टैक्सी ली।
सड़क पर बस को देखकर उसने टैक्सी ड्राइवर से कहा कि भारत

atrisheartfeelings

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 2020-21 के बजट प्रस्ताव ÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷ ● दलितों व पिछड़ों (OBC) के लिए 85 हजार करोड़। #yqbaba #yqdidi #yqquotes #ananttripathi #atrisheartfeelings #budget2020 #indianbusiness

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INDIA'S BUDGET 2020...
may be you have not read it so i am trying to show you all the mejor points in the caption.... केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 2020-21 के बजट प्रस्ताव
÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷
● दलितों व पिछड़ों (OBC) के लिए 85 हजार करोड़।

Deep Kush

उठ जा आलसी कितना सोएगा .. फ़ोन के बार बार बजते अलार्म से तरूण की नींद खुली । (तरुण ने अपनी माता जी की आवाज़ को ही अपना अलार्म टोन सेट कर रखा #yqbaba #yqdidi #YourQuoteAndMine #bestyqhindiquotes #aestheticthoughts #yqaestheticthoughts #ATloversclose

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      “सफ़र” 

               - ‘एक प्रेम कथा'


 उठ जा आलसी कितना सोएगा ..
फ़ोन के बार बार बजते अलार्म से तरूण की नींद खुली । (तरुण ने अपनी माता जी की आवाज़ को ही अपना अलार्म टोन सेट कर रखा

Divyanshu Pathak

असाध्य रोगों के दो ही कारण होते हैं। एक विषैला अन्न और विषैले विचार। वैसे तो विचार भी अन्न पर ही निर्भर है। जैसा खावे अन्न, वैसा होवे मन। अन #किसान #पंछी #प्रदूषण #विज्ञान #पाठक #हरे #कृषि

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विज्ञान का ताण्डव - 2


आज विकास के जिस दौर से हम (विश्व) गुजर रहे हैं,
वहां किसी युद्ध विराम को सफलता नहीं मिलेगी।
न कोई मानवता के इस ह्रास को रोक पाएगा
धन भी मिट्टी दिखाई दे जाएगा।
विष और संहार के एक ही देव हैं-शिव।
आने वाला काल इनके ताण्डव का साक्षी होगा। असाध्य रोगों के दो ही कारण होते हैं।
एक विषैला अन्न और विषैले विचार।
वैसे तो विचार भी अन्न पर ही निर्भर है।
जैसा खावे अन्न, वैसा होवे मन। अन

Funny Singh🐼

21 दिन का लाॅकडाउन, सभी ट्रेनें रद्द थी, सारी दुकानें बंद थी, यहां तक कि सारा काम-काज ठप था, लोग अपने घरों में कैद थे, पुलिस गली-गली दस्तक द

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Corona Virus Vs Lockdown or BhukhMari

Full Read in the caption🙃 21 दिन का लाॅकडाउन, सभी ट्रेनें रद्द थी, सारी दुकानें बंद थी, यहां तक कि सारा काम-काज ठप था, लोग अपने घरों में कैद थे, पुलिस गली-गली दस्तक द

Prem Nirala

मैं अपनी आँखों के सामने जब कभी तुम्हें नहीं पाता हूँ, ये उदासी चेहरे की फ़कत(सिर्फ़) मैं ही जानता हूँ, शाखें भी शाम होने तक परिंदों का इंतज़ #prem_nirala_

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मैं अपनी आँखों के सामने जब कभी तुम्हें नहीं पाता हूँ, ये उदासी चेहरे की फ़कत(सिर्फ़) मैं ही जानता हूँ, शाखें भी शाम होने तक परिंदों का इंतज़ार करता हैं, मैं भला कौन हूँ?? जो तुझे इस तरह बेचैन करवटों की तरह याद करता हूँ, ये कैसा दुःख, कि गलियाँ वीरान और शहर भी बंद पड़े हैं, यहाँ तो कोई दफ़्तर का डाकिया भी नहीं रहता, इस गुस्से से, मैं तेरे नाम के कई ख़त लिखकर आज भी फाड़ देता हूँ, मैं तेरी तस्वीरें इस ख़ुशी में चूमता रहता हूँ, कि एक दिन ये शहर भी खुलनी हैं, ट्रेनें भी चलनी हैं, और उस दिन यकींनन मैं तेरे घर आकर तुझे गले लगाऊँगा!

#prem_nirala_ मैं अपनी आँखों के सामने जब कभी तुम्हें नहीं पाता हूँ, ये उदासी चेहरे की फ़कत(सिर्फ़) मैं ही जानता हूँ, शाखें भी शाम होने तक परिंदों का इंतज़

गौरव गोरखपुरी

सड़क पर निकले तो, ताक में बैठी, भयंकर बीमारी है आग लगी है पेट में, गरीब पर, भूख की विपदा भारी है सुरक्षित है वो, जो घर में ही रुक गया गरी #Poetic_Pandey

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सड़क पर निकले तो, ताक में बैठी, भयंकर बीमारी  है
आग लगी है पेट में, गरीब पर, भूख की विपदा भारी है

सुरक्षित है वो, जो घर में ही रुक गया 
गरीब भूखा, जाके हर दर पर झुक गया

वैसे तो उसे कहते है, अनपढ़ सब मगर
मगर बड़ी बात सूझी, उसे बीती रात में
जो गाड़ियां छिड़क रहीं, दवाईयां गली गली
साथ क्यों नहीं लाती, कुछ रोटियां भी साथ में

हमसे घर में सुकून से, बैठा भी नहीं जा रहा 
मजबूर शहर से, गांव को पैदल चला जा रहा 
कंधे पर डेढ़ साल का, है उसने बीमार बच्चा रखा 
हाथ में सुखी रोटी, जो कल रात था उसने बचा रखा 

चलेगा बिना रुके वो तब तक, देंगे साथ पांव जब तक
जान बच जाए शायद, है गांव में रिश्तों का लगाव जब तक

गरीब दशकों से मर रहा, ऐसी भयावह बीमारी से
मगर अब वो मरना नहीं चाहता, भूख की लाचारी से 
डर है उसे, बीमारी से पहले, ना मार दे भूख उसे
पर मुमकिन है मार दे, थके पांव का, दुख उसे

वो  सड़क से गिड़गिड़ाया, ले चल मुझे गांव तक  
अपनेपन के बरताव तक, रिश्तों के लगाव तक
सड़क बोला मैं नहीं चलता दौड़ता
मुझ पर दौड़ती है देश की तरक्की 
तरक्की ! 
शहर ने कितनी तरक्की कर ली
रोटियां बंटी, हजारों ने धक्कामुक्की कर ली

तरक्की -मतलब, ट्रेनें कारें मेट्रो, और रफ्तार
मगर वह सब ठप पड़ी, हंस रही है उस पर 
देख तू मुझसे, गांव तक नहीं जा सकता

तरक्की की बड़ी बड़ी इमारतें, हंस रही है उस पर
देख तू मुझमें, अपना दुख नहीं छिपा सकता
 पांच सितारा होटल, हंस रहा हैं उस पर
देख तू मुझसे, अपनी भूख नहीं मिटा सकता

सुखी आंखो से टपके, आंसुओ की बूंदे मोटी मोटी
तरक्की बांटता शहर, जानता क्यों नहीं, बांटना रोटी 

किसी की बीमारी ने जान ली, कुछ मर गए भूख से 
कुछ मर गए, इस डर से, कि वो मर ना जाए भूख से
जो करती नहीं, बीमारी भी शायद, किया भूख ने, गरीब का दुर्दशा वो
ठहरा शहर, देखता रहा तमाशा, पैदल चलता चलता चल बसा वो
#Poetic_Pandey सड़क पर निकले तो, ताक में बैठी, भयंकर बीमारी  है
आग लगी है पेट में, गरीब पर, भूख की विपदा भारी है

सुरक्षित है वो, जो घर में ही रुक गया 
गरी
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