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Yash Agarwal
White टूटे दिल की स्याही से लिखी चंद पंक्तियाँ: "टूट कर चाहा था जिसको, वो बेपरवाह हो गया, हम उसकी राह देखते रहे, और वो राह बदल गया। अब आँसू भी कहने लगे, इस दर्द को मत पाल, जो अपना नहीं था कभी, उसे भूल जाना ही है कमाल।" "हर दर्द सिखा जाता है, हर ठोकर समझा जाती है, जो अपना था अगर वो चला गया, तो तक़दीर कुछ और चाहती है। संभल जा ऐ दिल, अब और ना रो, जो गया उसे भूल, खुद को संवार, आगे की ओर बढ़।" ©Yash Agarwal टूटे दिल की स्याही से लिखी चंद पंक्तियाँ #love_shayari #HeartfeltMessage #HeartBreak #shyari #Love love shayari
टूटे दिल की स्याही से लिखी चंद पंक्तियाँ #love_shayari #HeartfeltMessage #HeartBreak #shyari Love love shayari
read moreSHIVRAJ SAHRIYA
White अब जानेमन तू तो नहीं, शिकवा -ए-गम किससे कहें या चुप हें या रो पड़ें, किस्सा-ए-गम किससे कहें ©Shivraj Singh #love_shayari शिकवा -ए-गम किससे कहें
#love_shayari शिकवा -ए-गम किससे कहें
read moreSobaran
White कद से नहीं, हौसले से ऊँचाई मापी जाती है, कपड़ों से नहीं, काबिलियत से पहचान बनाई जाती है। जो दुनिया को बस चेहरे से परखते हैं, अक्सर सबसे बड़े हुनर को खो देते हैं! ©Sobaran पहचान हुनर से बनती है, हुलिए से नहीं! #quaotes #quoets #poem #Poetry फॉर स्टूडेंट्स ऑफ़ द डे सायरी मोटिवेशन मोटिवेशनल कोट्स मोटिवेशनल
Mubarak
White वो अकसर मोहबबत रुठ जाते है जो दिल के करिब रहते है मै कया लिखु यारो मै कया लिखु यारो लिखने को तो बहुत कुछ चाहता हु पर कलम🖋️मे सियाही कम पड़ जाते है ©Mubarak #Sad_Status वो अक्सर मोहब्बत रुठ जाते हैं जो दिल के करीब रहते है मै कया लिखु यारों लिख ने को तो बहुत कुछ चाहता हूं पर कलम ✒️ में स्याही कम प
#Sad_Status वो अक्सर मोहब्बत रुठ जाते हैं जो दिल के करीब रहते है मै कया लिखु यारों लिख ने को तो बहुत कुछ चाहता हूं पर कलम ✒️ में स्याही कम प
read moreBheem Bheemshankar
White बिछड़ के तुमसे ज़िन्दगी सज़ा लगती है ये सांस भी जैसे मुझसे ख़फ़ा लगती है अगर उम्मीद-ए-वफ़ा करूँ तो किससे करूँ मुझको तो मेरी ज़िंदगी भी बेवफा लगती है.😢 💔 😒 ©Bheem Bheemshankar #sad_quotes बिछड़ के तुमसे ज़िन्दगी सज़ा लगती है ये सांस भी जैसे मुझसे ख़फ़ा लगती है अगर उम्मीद-ए-वफ़ा करूँ तो किससे करूँ मुझको तो मेरी ज़िंदगी भी
#sad_quotes बिछड़ के तुमसे ज़िन्दगी सज़ा लगती है ये सांस भी जैसे मुझसे ख़फ़ा लगती है अगर उम्मीद-ए-वफ़ा करूँ तो किससे करूँ मुझको तो मेरी ज़िंदगी भी
read moreनवनीत ठाकुर
तकरीर जब दिल की गहराई में उतरती है, आवाज़ से स्याही बनकर असर करती है। तस्वीर खामोशी में जो बात कह जाती है, हर नजर पर अपने रंग छोड़ जाती है। तकरीर जहां जज़्बातों को पंख देती है, तस्वीर वहां लम्हों को अमर कर देती है। शब्दों का जादू हो या छवियों की गूंज, दोनों ही दिलों में हलचल भर देती है। दोनों ही हैं कायनात के अनमोल तोहफ़े, एक सुनने का सफर, दूसरा देखने का किस्सा। शब्दों की तासीर जहां दिल बहलाए, छवियों की तहरीर वहां मन लुभाए। ©नवनीत ठाकुर #नवनीतठाकुर तकरीर जब दिल की गहराई में उतरती है, आवाज़ से स्याही बनकर असर करती है। तस्वीर खामोशी में जो बात कह जाती है, हर नजर पर अपने रंग छ
#नवनीतठाकुर तकरीर जब दिल की गहराई में उतरती है, आवाज़ से स्याही बनकर असर करती है। तस्वीर खामोशी में जो बात कह जाती है, हर नजर पर अपने रंग छ
read moreSarfaraj idrishi
White साज़िशें लाखो बनती है मेरी हस्ती मिटाने की बस दुआयें आप लोगों की उन्हें मुकम्मल नहीं होने देती !! ©Sarfaraj idrishi #life_quotes साज़िशें लाखो बनती है मेरी हस्ती मिटाने की बस दुआयें आप लोगों की उन्हें मुकम्मल नहीं होने देती !! Islam Bijendra Singh Pal Es
#life_quotes साज़िशें लाखो बनती है मेरी हस्ती मिटाने की बस दुआयें आप लोगों की उन्हें मुकम्मल नहीं होने देती !! Islam Bijendra Singh Pal Es
read moretheABHAYSINGH_BIPIN
White वफ़ा की उम्मीद किससे है, इश्क़-मोहब्बत किससे है। हर क़दम पर रंग-भेद, तो फिर ये चाहत किससे है। दिल लगाते हैं, मगर डरते हैं, सच कहें तो सभी छलते हैं। वफ़ा की क़ीमत नहीं इस दौर में, फिर भी ये उम्मीद किससे है। हर चहरे पर मुखौटे हैं, हर रिश्ता जैसे सौदे हैं। जिनसे प्यार था, वही पराये, फिर ये मोहब्बत किससे है। सफर में कांटे बिछे हर जगह, साये तक साथ छोड़ देते हैं। जिनसे वफ़ा की आस लगाई, उनसे शिकवा फिर किससे है। सोचता हूँ ये सवाल हर रोज़, क्या जवाब है कोई मेरे पास। शायद दिल ही गलत करता है, वफ़ा की उम्मीद भी किससे है। ©theABHAYSINGH_BIPIN #Moon वफ़ा की उम्मीद किससे है, इश्क़-मोहब्बत किससे है। हर क़दम पर रंग-भेद, तो फिर ये चाहत किससे है। दिल लगाते हैं, मगर डरते हैं,
#Moon वफ़ा की उम्मीद किससे है, इश्क़-मोहब्बत किससे है। हर क़दम पर रंग-भेद, तो फिर ये चाहत किससे है। दिल लगाते हैं, मगर डरते हैं,
read moreनवनीत ठाकुर
तुम्हे ही मुझसे हमदर्दी नहीं, तो किसे इत्येलाह करूं। तुम्हारे सुकून की ख्वाहिश में, खुद से भी गिला करूं। तुम्हीं न समझो मेरा दर्द, तो और किससे वफा करूं। जो अश्क छुपा रखे हैं पलकों में, उन्हें कैसे रिहा करूं। जिन लफ्ज़ों में था तेरा जिक्र, अब उनका क्या सिलसिला करूं। तुम्हारी खामोशी है गवाही मेरी, तो शिकायत किससे भला करूं। ©नवनीत ठाकुर #नवनीतठाकुर तुम्हे ही मुझसे हमदर्दी नहीं, तो किसे इत्येलाह करूं। तुम्हारे सुकून की ख्वाहिश में, खुद से भी गिला करूं। तुम्हीं न समझो मेरा द
#नवनीतठाकुर तुम्हे ही मुझसे हमदर्दी नहीं, तो किसे इत्येलाह करूं। तुम्हारे सुकून की ख्वाहिश में, खुद से भी गिला करूं। तुम्हीं न समझो मेरा द
read moreAnjali Singhal
"आँखों की स्याही में डूबकर, दिल की कलम जब प्रेम लिखती है; एहसास के मोती चमकते हैं, प्यार की शबनम खिलती है।" #AnjaliSinghal shayari shayar
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