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Best Letter_To_Republic_India Shayari, Status, Quotes, Stories, Poem

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"गुरु गोविंद की कुर्बानी में, गंगा की कहानी में, जमजम के पानी में, लहराता है इम्तिहान का तिरंगा, शेखर की मुस्कुराहट में, भगत की बगावत में, आजाद की चाहत में, लहराता है अरमान का तिरंगा, वर्दी में, खाकी में, पिता की बैसाखी में, बहनों की राखी में, लहराता है अभ्युत्थान का तिरंगा, भाई के गुरूर में, मां के आंखो के नूर में, मांग के सिंदूर में, लहराता है हिंदुस्तान का तिरंगा।। @Satyam Purohit"

गुरु गोविंद की कुर्बानी में, गंगा की कहानी में, जमजम के पानी में, लहराता है इम्तिहान का तिरंगा,
 शेखर की मुस्कुराहट में, भगत की बगावत में, आजाद की चाहत में, लहराता है अरमान का तिरंगा,
वर्दी में, खाकी में, पिता की बैसाखी में, बहनों की राखी में, 
लहराता है अभ्युत्थान का तिरंगा, 
भाई के गुरूर में, मां के आंखो के नूर में, मांग के सिंदूर में, 
लहराता है हिंदुस्तान का तिरंगा।।

@Satyam Purohit

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"Feel Proud to have freedom but don't let your freedom be a cause of disturbance for others .... Don't be the cause for social evils Don't consider freedom as the right to do anything sometimes this kind of thoughts can be dangerous to our integrity Enjoy your freedom but not at the cost of disturbance of unity of our country"

Feel Proud to have freedom 
but don't let your freedom be a cause 
of disturbance for others ....
Don't be the cause for social evils
Don't consider freedom 
as the right to do anything 
sometimes this kind of thoughts 
can be dangerous to our integrity 
Enjoy your freedom 
but not at the cost of 
disturbance of unity of our country

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"हर रंग मोहब्बत का हवा में फैल जाने दो,,लिख रहे जो नफरत दिलों पे कुछ उनका भी अहंकार जलाने दो. बहुत मारे हैं पत्थर खुद की ही दीवारों पे,,आज कुछ पत्थर उल्टी खोपड़ियों पे भी पड़ जाने दो. बांटना चाहते है जो इस देश को धर्म की सियासत में,,एक सांझे चूल्हे का लंगर इनकी छाती पे भी लगाने दो. बहुत चिल्लाते हैं भाड़े के लीडर भरी भीड़ में,,आज हक़ से वसूली इनकी हड्डियों से भी होजाने दो. क्यों लड़ते हो आपस में ही,,कोई बाहर के दुश्मन को तो आँख उठाने दो. सिखायो बच्चों को एकता का पाठ,,यूँ ना पढ़ लिख कर भी उसे बुजदिल बनाने दो. देशभक्ति नही होती एक दिन की बात,,तिरंगा कभी रोज सुबह की चाय के साथ तो एक बार सोच में उठाने दो. पूरा ग्रंथ है अलग अलग भाषा में खुद देश भारत हमारा,,यूँ ना इसे सिर्फ गीता और कुरान में उलझाने दो. सोच अपनी भी कभी लगाया करो,,यूँ ना खुद को बिन बात ही बिक जाने दो. बहुत दी है कुर्बानियां इस देश को शहीदों ने,,कहता है अमन उनकी याद को इतने सस्ते में न भुलाने दो।"

हर रंग मोहब्बत का हवा में फैल जाने दो,,लिख रहे जो नफरत दिलों पे कुछ उनका भी अहंकार जलाने दो.

बहुत मारे हैं पत्थर खुद की ही दीवारों पे,,आज कुछ पत्थर उल्टी खोपड़ियों पे भी पड़ जाने दो.

बांटना चाहते है जो इस देश को धर्म की सियासत में,,एक सांझे चूल्हे का लंगर इनकी छाती पे भी लगाने दो.

बहुत चिल्लाते हैं भाड़े के लीडर भरी भीड़ में,,आज हक़ से वसूली इनकी हड्डियों से भी होजाने दो.

क्यों लड़ते हो आपस में ही,,कोई बाहर के दुश्मन को तो आँख उठाने दो.

सिखायो बच्चों को एकता का पाठ,,यूँ ना पढ़ लिख कर भी उसे बुजदिल बनाने दो.

देशभक्ति नही होती एक दिन की बात,,तिरंगा कभी रोज सुबह की चाय के साथ तो एक बार सोच में उठाने दो.

पूरा ग्रंथ है अलग अलग भाषा में खुद देश भारत हमारा,,यूँ ना इसे सिर्फ गीता और कुरान में उलझाने दो.

सोच अपनी भी कभी लगाया करो,,यूँ ना खुद को बिन बात ही बिक जाने दो.

बहुत दी है कुर्बानियां इस देश को शहीदों ने,,कहता है अमन उनकी याद को इतने सस्ते में न भुलाने दो।

#Letter_To_Republic_India @Vaishali Shukla(@ankahi_ink) @Deepshikha @Satyaprem Upadhyay @Internet Jockey @kaur B 😊😊 @suman_kadvasra



लेखक-✍️6.1aman💥💥


💥((((((((((रंग मोहब्बत))))))))))💥

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"माँ पूछ रही थी जाते वक्त 'बेटा अब कब आओगे' मैं कुछ ना कह सका बस मुस्कुरा दिया। इंतजार करेंगे सही सलामत आना , यह बोल मेरी मुहब्बत ने मुझे गले लगा लिया। मुंह फुलाए बैठी थी एक कोने में मेरी गुड़िया, जन्मदिन पर आऊगां कह कर मैने उसे बातों में लगा लिया। सख्त दिखने की कोशिश में रहते हैं मेरे पापा, आज फिर उन्होने हस कर आसूं छुपा लिया। मैं आया तो एक यार जा चुका था छोड़ कर, शहीद की शहादत पर रोते नहीं , यह बोल उसके परिवार को मैने चुप करा दिया। कातिल पूछ रहा था मुझ से मेरी आखिरी आरजू, कफन के लिए मैनें भी तिरंगा दिखा दिया। दाग नहीं आने दिया भारत माँ के दामन पर , पानी की तरह हमनें अपना खून बहा दिया। हिफाजत करना यारो इस आजादी की जिस की ख़ातिर, मुझ जैसे हजारों ने हस कर अपना सिर कटा दिया।"

माँ पूछ रही थी जाते वक्त 'बेटा अब कब आओगे'
मैं कुछ ना कह सका बस मुस्कुरा दिया। 
इंतजार करेंगे सही सलामत आना , 
यह बोल मेरी मुहब्बत ने मुझे गले लगा लिया।
मुंह फुलाए बैठी थी एक कोने में मेरी गुड़िया, 
जन्मदिन पर आऊगां कह कर मैने उसे बातों में लगा लिया। 
सख्त दिखने की कोशिश में रहते हैं मेरे पापा, 
आज फिर उन्होने हस कर आसूं छुपा लिया। 
मैं आया तो एक यार जा चुका था छोड़ कर, 
शहीद की शहादत पर रोते नहीं ,
यह बोल उसके परिवार को मैने चुप करा दिया।
कातिल पूछ रहा था मुझ से मेरी आखिरी आरजू, 
कफन के लिए मैनें भी तिरंगा दिखा दिया। 
दाग नहीं आने दिया भारत माँ के दामन पर ,
पानी की तरह हमनें अपना खून बहा दिया। 
हिफाजत करना यारो इस आजादी की जिस की ख़ातिर, 
मुझ जैसे हजारों ने हस कर अपना सिर कटा दिया।

#Letter_To_Republic_India
#army #nojotohindi#Emotional
#jayhind#Life

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"बातें और दिखावा- ~~~~~~~~~~~~~~ है शान तिरंगा मान तिरंगा स्वाभिमान और अभिमान तिरंगा है कुर्बानियों का नाम तिरंगा,, तेरे लिए ये जान निसार तिरंगा **** सच्चाई ~~~~~~ अपना काम चुनाव लड़ना, जनता का लोकतंत्र से विश्वास तोड़ना देश का धर्म के नाम पर बांटकर,, संविधान को नजरंदाज कर कर,, अम्बेडकर की मूर्ति के सामने हाथ जोड़ना ****"

बातें और दिखावा-
~~~~~~~~~~~~~~
है शान तिरंगा मान तिरंगा
 स्वाभिमान और अभिमान तिरंगा
 है कुर्बानियों  का नाम तिरंगा,, 
तेरे लिए ये जान निसार तिरंगा
****

सच्चाई
~~~~~~
 अपना काम चुनाव लड़ना,
जनता का लोकतंत्र से विश्वास तोड़ना
देश का धर्म के नाम पर बांटकर,,
संविधान को नजरंदाज कर कर,,
अम्बेडकर की मूर्ति के सामने हाथ जोड़ना
****

#Letter_To_Republic_India

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