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Ammu
ಅಮ್ಮಾ 🌍🧿❤️🥰 ನನಗೆ ಮಗು ಆಗೋ ಸಮಯ ಬಂದ್ರು ನನ್ನ ಪುಟ್ಟ ಮಗುವಿನಂತೆ ಆರೈಕೆ ಮಾಡ್ತಿಯಲ ನಾವು ತಾಯಿ ಆದ್ರೂ ನಮ್ಮ ತಾಯಿಗೆ ನಾವು ಚಿಕ್ಕ ಮಗುನೆ ಅನ್ನೋ ಮಾತು ನಿಜ ಅಮ್ಮ ನಿನ್ನ ಋಣ ತೀರಿಸೋದು ಈ ಜನ್ಮದಲ್ಲಿ ಸಾದ್ಯವಿಲ್ಲ Love you Amma 🌍❤️🧿🥰 ©Ammu #amma #Mother #mother_Love
Karthika
White ತವರು ಮನೆ ಬಿಟ್ಟು ಹೊಸ ತವರು ಮನೆ ಕಟ್ಟಿದವಳು ಪ್ರತಿ ಕೆಲಸಕ್ಕೆ ಸ್ಪೂರ್ತಿಯಾದವಳು ಧೈರ್ಯ ಸಾಹಸಕ್ಕೆ ಕನ್ನಡಿ ಯಾದವಳು ನನ್ನನ್ನು ಅಂಗೈಯಲ್ಲಿ ಹಿಡಿದು ಆಸರೆಯಾದವಳು ಎಷ್ಟು ಬಣ್ಣಿಸಿದರು ಪದಕ್ಕೆ ಸಿಗದವಳು ಅವಳೇ ನನ್ನ ತಾಯಿ ©Karthika #love_shayari amma
#love_shayari amma
read moreKrishnan
White When I feel tired, I drink a glass of water, close my eyes, and lie down, thinking that my head is on my mother's lap. This used to be my go-to remedy whenever I got worn out during childhood days. Within around five to ten minutes, I get refreshed again, and I say, "Thanks, Amma, I love you," before bouncing back. Today I don't have Amma here, near me; still, I say the same words before getting back to work! ©Krishnan #refreshed #refresh #Tired #Mother #amma #lap #childhood_memories #Childhood #Memories
vivekanand
White life is a golden opportunity.some persons didn't understand the situation.so they're losing the house of happy. ©vivekanand poem
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read moreMayank Kumar
White एक छोटे से गांव में एक लड़की रहती थी, जिसका नाम रिया था। रिया का सपना था कि वह बड़ी होकर एक प्रसिद्ध लेखिका बने। गांव में पढ़ाई के साधन बहुत कम थे, लेकिन रिया ने हार नहीं मानी। वह हर रात चाँद की रोशनी में बैठकर लिखती और किताबों के पन्नों में अपने सपनों को तलाशती ©Mayank Kumar #poem
Jeetal Shah
Unsplash गुजरा हुआ जमाना कभी नहीं आएगा, वो बाग बगीचे में खेलना, वो कागज की नाव बनाना, वो दादी की कहानी सुनकर एक नई सीख लेना, वो दुरदर्शन पर चुहे बिल्ली का कार्टून देखना, वो मिकी और मीनी की जोड़ी का आनंद उठाना, गुजरा हुआ जमाना था बहुत ही निराला, पर आज का भी जमाना कम नहीं नई टेक्नोलॉजी से जुड़ गए सभी। ©Jeetal Shah #poem
Neeraj Neel
Unsplash खुशियां तकिया के सिरहाने होंगी , आशीर्वाद के ईटों से सजी दीवारें होंगी खिड़कियों में धूप सजती होगी, घर में बुजुर्गों की दुआ बस्ती होगी। अब दूर कहीं नहीं चलना होगा , एक सिर पर छत अपना होगा। हम खुशियां सारी बटोर लाएगे, हम घर में अपने सपने सजाएंगे। हम घर में रोज दीप जलाएंगे , घर आंगन में चांद तारे उतार लाएगे। अब चेहरे में एक आराम होगा , मेरे घर के दरवाजे में अब अपना नाम होगा। हा अपना नाम होगा। ✍️ नीरज नील ©Neeraj Neel poem
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