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Best रुखसत Shayari, Status, Quotes, Stories

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Kulwant singh

#रुखसत ए गम

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हाथ में मेंहदी पांव महावार
मांग सजाना कुमकुम को।
उसके साथ तो पड़ेगा जाना 
जो घोड़ीचढ़ लेने आयेगा तुमको।
रुखसत होकर तुम मुझसे
साजन के घर जाओगी।
पर मुझको तुम भूल ना जाना
पाकर अपने प्रीतम को।

©Kulwant singh #रुखसत ए गम

Drjagriti

Rabindra Kumar Ram

*** ग़ज़ल *** *** आजमाइश *** " क्या बतायें कि किसी की ख़्वाहिश में जिते हैं , मुकम्बल जो ना हो जाने किसकी आजमाईश में जिते हैं , फिर बेजोर तौर पें तेरा होने का आजमाईश की जाये , फिर जाने तुम किसकी ख्वाहिश की तलब किये हो , क्या बतायें कि किसी की ख़्वाहिश में जिते हैं ,

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*** ग़ज़ल *** 
*** आजमाइश *** 

" क्या बतायें कि किसी की ख़्वाहिश में जिते हैं ,
मुकम्बल जो ना हो जाने किसकी आजमाईश में जिते हैं ,
फिर बेजोर तौर पें तेरा होने का आजमाईश की जाये ,
फिर जाने तुम किसकी ख्वाहिश की तलब किये हो ,
क्या बतायें कि किसी की ख़्वाहिश में जिते हैं ,
मुकम्बल जो ना हो जाने किसकी आजमाईश में जिते हैं ,
रुखसत करें की क्या करें तेरे बगैर ही रहा जाये ,
तसव्वुर के ख्यालों में फिर किसी की आजमाइश की जाये ,
मिला है तो मिल बर्ना कभी ऐसे कभी फ़ुर्क़त हुई ना हो ,
रफ़ाक़त के कुछ सलीके तु मुझपे आजमायें तो सही तो सही हैं ,
रह रह के उठता है गुब्बार तेरा ,
तु भी कभी मुझे इस सलीके से आजमायें सही ,
क्या बतायें कि क्या आजमायें अब ,
मुहब्बत की कौंन सी तिलिस्म आजमायें है,
वो आती हैं और चली जाती मेरी ख़्वाहिशों में ,
कि अब कौन सा क़सम दे उसे जो वो रुक जाये अब . " 

                            --- रबिन्द्र राम

©Rabindra Kumar Ram *** ग़ज़ल *** 
*** आजमाइश *** 

" क्या बतायें कि किसी की ख़्वाहिश में जिते हैं ,
मुकम्बल जो ना हो जाने किसकी आजमाईश में जिते हैं ,
फिर बेजोर तौर पें तेरा होने का आजमाईश की जाये ,
फिर जाने तुम किसकी ख्वाहिश की तलब किये हो ,
क्या बतायें कि किसी की ख़्वाहिश में जिते हैं ,

Rabindra Kumar Ram

" खैर तलब ये भी कि बेशक ना मिल तु मुझे , बस ताउम्र तुझे दुर से देखने का आसार चाहिए मुझे , जो भी हैं बेशक नागवार लगने ना दुंगा , तु जायेगी महफ़िल से वेशक मेरे अब तुझे दिल से रुखसत ना होने दुंगा ." --- रबिन्द्र राम #तलब #आसार #नागवार #महफ़िल #वेशक #रुखसत

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" खैर तलब ये भी कि बेशक ना मिल तु मुझे ,
बस ताउम्र तुझे दुर से देखने का आसार चाहिए मुझे ,
जो भी हैं बेशक नागवार लगने ना दुंगा ,
तु जायेगी महफ़िल से वेशक मेरे अब तुझे दिल से रुखसत ना होने दुंगा ."

                       --- रबिन्द्र राम

©Rabindra Kumar Ram " खैर तलब ये भी कि बेशक ना मिल तु मुझे ,
बस ताउम्र तुझे दुर से देखने का आसार चाहिए मुझे ,
जो भी हैं बेशक नागवार लगने ना दुंगा ,
तु जायेगी महफ़िल से वेशक मेरे अब तुझे दिल से रुखसत ना होने दुंगा ."

                       --- रबिन्द्र राम 

#तलब #आसार #नागवार #महफ़िल #वेशक #रुखसत

Rabindra Kumar Ram

" हर आरजू टुट के बिखर जाती , ज़िन्दगी में मुश्किले कम तो नहीं , चाहत के सफर में जो मिलता ना तेरा साथ , जाने क्या हो जाता रुखसत कर देता सांसों को ज़िन्दगी से , जो दिल को तेरे साथ होने का एहसास ना मिलता ." --- रबिन्द्र राम

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" हर आरजू टुट के बिखर जाती ,
ज़िन्दगी में मुश्किले कम तो नहीं , 
चाहत के सफर में जो मिलता ना तेरा साथ ,
जाने क्या हो जाता रुखसत कर देता सांसों को ज़िन्दगी से ,
जो दिल को तेरे साथ होने का एहसास ना मिलता ." 

                                         --- रबिन्द्र राम " हर आरजू टुट के बिखर जाती ,
ज़िन्दगी में मुश्किले कम तो नहीं , 
चाहत के सफर में जो मिलता ना तेरा साथ ,
जाने क्या हो जाता रुखसत कर देता सांसों को ज़िन्दगी से ,
जो दिल को तेरे साथ होने का एहसास ना मिलता ." 

                                         --- रबिन्द्र राम

POET PRATAP CHAUHAN

#Oscar #आदिल से साजिद हमारी गजल वो #रुखसत हुए हम रुतबा हुए जहन हो गए, वो दिल को छुए ❤

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Shiwalika_SSS

उनकी रुसवाइयों के जब सिलसिले बढ़ने लगे थे,
हमे खबर थी हम उनके दिल से उतरने लगे थे।
जीने का मिल गया होगा कोई और ही बहाना,
शायद हम उनपे कुछ ज्यादा ही मरने लगे थे।
इज़हार-ए-रुख़सत जरूरी तो नहीं था,
हम तो उनकी बेरुखी से ही डरने लगे थे।
दोझख में भी जन्नत थी जब तलक मौजूद थे वो,
उनके जाते ही जन्नतो में दोझख बनने लगे थे।
कोई खता हुई होती तो सुधार भी लेते,
हम तो गुनाह-ए-मोहब्बत में जलने लगे थे।
जब फन में वफ़ा के माहिर ना थे तो,
फिर क्यों वफ़ा के मुखोटों में वो ढलने लगे थे।
तय था ना आएंगे इस दिल की बातो में
हम फिर कैसे प्यार करने लगे थे।
मुखातिब से सच कैसे झूठ लगे हमें,
उनके तो झूठ भी सच लगने लगे थे।। #रुसवाइयाँ #रुखसत #दोज़ख #जन्नत #yourquotehindi #hindipoetry #gazal #गज़ल

रोहित 'हीरू' मिश्रा

#परिंदा #दिल #बाशिंदा #रुखसत #जिंदगी #तेरी_याद #हीरू Priya Mishra Sanjay Tiwari "Shaagil" khubsurat Yogendra Nath Yogi Bhawna Mishra

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तड़पता मचलता सा एक
टूटा परिंदा है
दिल के किसी कोने में वो
'हीरू' बशिंदा है
रुख़सत होकर ज़िन्दगी से
तुम चली गई पर...
चलती-फिरती बेजान लाश
तेरी यादों में ज़िंदा है

©रोहित 'हीरू' #परिंदा
#दिल 
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#रुखसत 
#जिंदगी 
#तेरी_याद 
#हीरू  Priya Mishra Sanjay Tiwari "Shaagil" khubsurat Yogendra Nath Yogi Bhawna Mishra

vivek sonakiya

Priyanka tripathi

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